
Ranchi: राजधानी में पानी की किल्लत शुरू हो गई है. पहले से घोषित ड्राई जोन में पानी के लिए हाहाकर मचा है. अब यह समस्या अन्य इलाकों में भी बढ़ने लगी है. इस बीच मोरहाबादी के टैगोर हिल इलाके में पानी का लेवल पाताल में पहुंच चुका है. जहां बोरिंग कराने से पहले लोग सोचते है. अगर किस्मत अच्छी रही तो 500 फीट में पानी का लेवल मिल जाता है. नहीं तो 700-800 फीट डीप बोरिंग कराने के बाद भी लोगों को निराशा ही हाथ लग रही है. जिससे पैसे की बर्बादी हो रही है. वहीं पानी न मिल पाने से जो परेशानी है सो अलग. इससे साफ है कि ग्राउंड वाटर रिचार्ज करने के रांची नगर निगम के सभी दावे भी फेल साबित हो रहे है.
पानी खरीदकर निपटा रहे काम
टैगोर हिल के पास के अपार्टमेंट में भी पानी की समस्या शुरू हो चुकी है. लोगों को पीने का पानी भी नसीब नहीं हो रहा है. इतना ही नहीं फ्लैट में टैंकर से पानी मंगाकर लोग अपने डेली के काम निपटा रहे है. हर महीने पानी के खर्च का एक्सट्रा बोझ बढ़ गया है. इसके अलावा पीने का पानी बाहर से खरीदकर लोग अपनी प्यास बुझा रहे है.
एक फ्लैट पर 1500 महीने का खर्च
लगातार फ्लैट का निर्माण कार्य जारी है. पहले से कराए गए बोरिंग जवाब दे चुके है. ऐसी स्थिति में सप्लाई वाटर भी नाकाफी साबित हो रहा है. इस वजह से लोगों को टैंकर से पानी मंगाना पड़ रहा है. जिससे कि हर फ्लैट पर 1500 रुपए खर्च केवल पानी का बढ़ गया है. वहीं जरूरत भी पूरी नहीं हो पा रही है. कई फ्लैट के लोग तो अभी से ही अपना फ्लैट छोड़कर जाने लगे है.
केस 1
ऐश्वर्या रेसीडेंसी में रहने वाले पप्पू गुप्ता की माने तो स्थिति काफी खराब है. सप्लाई से पूरे अपार्टमेंट को पानी मिलना मुश्किल है. टैंकर से पानी मंगाकर संप में स्टॉक करते है. इसके बाद मोटर से पानी चढ़ाना पड़ता है. जिससे कि लोग डेली के काम निपटा रहे है. पीने के लिए जार का पानी मंगाना पड़ रहा है.
केस 2
टैगोर हिल के पीछे बने अपार्टमेंट में रहने वाले मनोज कुशवाहा ने बताया कि सप्लाई पानी ही उनका सहारा है. उसका भी कोई टाइम नहीं है. बोरिंग तो जवाब दे चुके है. सप्लाई नहीं आने पर स्थिति खराब हो जाती है. घर वालों को भी गांव भेज दिया है ताकि उन्हें दिक्कत न हो. सभी के लिए टैंकर से पानी मंगाना संभव नहीं है.
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