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बजरंग दल पर वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट गलत, फेसबुक इंडिया ने संसदीय समिति से कहा,  प्रतिबंधित करने की जरूरत नहीं

भाजपा सांसद निशिकांत दूबे ने पूछा कि अगर बजरंग दल को लेकर सोशल मीडिया नीतियों के उल्लंघन की बात नहीं पायी गयी है तो फेसबुक ने वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट को फर्जी क्यों नहीं बताया.

NewDelhi : खबर है कि फेसबुक इंडिया के प्रमुख अजित मोहन ने बुधवार को संसद की एक समिति को जानकारी दी कि सोशल मीडिया कंपनी की फैक्ट फाइंडिंग टीम को ऐसी कोई सामग्री नहीं मिली, जिससे बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की जरूरत हो. सूत्रों ने यह जानकारी दी.

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अजित मोहन  शशि थरूर की अध्यक्षता वाली संसद की स्थायी समिति के समक्ष पेश हुए

वॉल स्ट्रीट जर्नल की हाल की रिपोर्ट को लेकर अजित मोहन बुधवार को कांग्रेस नेता शशि थरूर की अध्यक्षता वाली सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसद की स्थायी समिति के समक्ष पेश हुए. समिति ने उन्हें नागरिक डेटा सुरक्षा के मुद्दे पर तलब किया था.

अजित मोहन के साथ फेसबुक के लोक नीति निदेशक शिवनाथ ठुकराल भी थे. सूत्रों के अनुसार  शशि थरूर और कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम ने अजित मोहन से बजरंग दल पर प्रतिबंध से जुड़ी वॉल स्ट्रीट जर्नल की हाल की रिपोर्ट के बारे में जवाब तलब किया.
इन सवालों के जवाब में मोहन ने समिति के सदस्यों को जानकारी दी कि कंपनी की फैक्ट फाइंडिंग टीम को ऐसी कोई सामग्री नहीं मिली, जिससे बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की जरूरत हो.

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 वॉल स्ट्रीट जर्नल का दावा

जान लें कि वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में कहा गया है कि बजरंग दल पर प्रतिबंध की बात से जुड़े आंतरिक मूल्यांकन के बावजूद फेसबुक ने वित्तीय कारणों और अपने कर्मचारियों की सुरक्षा चिंताओं के कारण उस पर लगाम नहीं लगाई.

सूत्रों ने बताया कि भाजपा सांसद निशिकांत दूबे ने पूछा कि अगर बजरंग दल को लेकर सोशल मीडिया नीतियों के उल्लंघन की बात नहीं पायी गयी है तो फेसबुक ने वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट को खारिज कर उन्हें फर्जी क्यों नहीं बताया.

रिपोर्ट के अनुसार, हमलावरों ने पोस्टर चिपकाते हुए दावा किया था कि चर्च की स्थापना हिंदू मंदिर के स्थान पर हुई थी और वहां हमलावरों ने मूर्ति की स्थापना की थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि बजरंग दल सदस्यों ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी.

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