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मंत्री लुईस मरांडी ने नहीं पूरा किया रोड बनाने का वादा, ग्रामीण करेंगे वोट बहिष्कार

Dumka : झारखंड सरकार की कैबिनेट मंत्री डॉ लुईस मरांडी के विधानसभा क्षेत्र दुमका के काला कालीपाथर गांव में रहनेवाले 90 परिवारों ने वोट बहिष्कार का निर्णय लिया है. लोग अपनी विधायक सह मंत्री पर वादाखिलाफी का आरोप लगा रहे हैं.

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मसलिया प्रखंड की दलाही पंचायत के इस गांव के ग्रामीणों का कहना है कि डॉ लुईस मरांडी ने जो वायदे कर वोट ले लिये उन्हें जीतने और मंत्री बनने के बाद पूरा नहीं किया.

बता दें कि राज्य में विकास के दावे और संथाल परगना का पिछड़ापन दूर करने की घोषणा मुख्यमंत्री रघुवर दास कई बार कर चुके है. राजनीतिक रूप से भी संथाल परगना पर भाजपा की पैनी नजर है.

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तीन ओर नदी से घिरा है गांव

कालीपाथर गांव की जनसंख्या करीब 450 है. गांव को पक्की सड़क से जोड़ा नही गया है जिसके कारण कच्ची संडक पर गाड़ी, मोटरसायकिल, सायकिल चलना मुश्किल है. वर्षा के समय ग्रामीण इस कच्चे रास्ते की अपेक्षा खेतों की पगडडिंयों पर चलना ठीक समझते हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि यह गांव नुनबिल नदी से तीन तरफ से घिरा हुआ है. एकमात्र कच्चा रास्ता ही एक गांव को जोड़ता है.

इस गांव से सबसे नजदीक सड़क लताबर गांव में है. लताबर गांव से इस गांव के नदी घाट तक करीब 2.5 किलोमीटर कच्चा रास्ता है. पक्की सड़क नहीं होने के कारण विकास योजनाओं को लागू करने वाले सरकारी अधिकारी, कर्मचारी भी गांव नही आना चाहते. पंचायत कार्यालय ने तो इसे टापू की संज्ञा दे दी है.

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क्या कहते हैं ग्रामीण

मंत्री लुईस मरांडी ने नहीं पूरा किया रोड बनाने का वादा, ग्रामीण करेंगे वोट बहिष्कार
मंत्री और सरकार से नाराजगी जताती ग्रामीण.

“सड़क खराब होने के कारण गांव में गाड़ी/एम्बुलेंस नही आती है जिस कारण गर्भवती माताओं का संस्थागत प्रसव भी कराना बहुत मुश्किल हो जाता है. सड़क समस्या के कारण गृह प्रसव बढ़ जाता है. मरीजों को मुख्य सड़क तक ले जाने के लिय खटिया का सहारा लेना पड़ता है.” – सुप्रभा हेम्ब्रोम

“कच्ची सड़क होने के कारण आने-जाने का बहुत दिक्कत होती है. ग्रामीणों ने इसके पूर्व हेमंत सरकार में सड़क के नाम हेमंत सोरेन ने वोट मांगा और ग्रामीणों ने उनको वोट दिया, लेकिन सड़क नहीं बनी. उसके बाद वर्तमान विधायक सह मंत्री लुईस मरांडी ने भी सड़क के नाम वोट मांगे, ग्रामीणों ने उनको भी वोट दिया लेकिन सड़क नही बनी. जब सड़क ही नही बनेगी, काम ही नही होगा तो ग्रामीण वोट क्यों दें? – श्रीमान मुर्मू

“कच्ची सड़क की बहुत बुरी स्थिति है. नेता हर बार वोट लेते हैं और चले जाते हैं. लेकिन सड़क नही बनती है. ग्रामीणों ने बैठक कर सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि अगर जल्द ही लताबर गांव से इस गांव के नदी घाट तक करीब 2.5 किलोमीटर पक्की सड़क नहीं बनायी जाती है तो आने वाले विधानसभा में सभी ग्रामीण वोट का बहिष्कार करेंगे और नेताओं को गांव में घुसने नही देगे.” – शिवधन मुर्मू

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Nayika

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