
Koderma: झुमरीतिलैया में 108 कुंडीय नव चेतना जागरण गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन मंगलवार को शांतिकुंज हरिद्वार से आई ब्रम्हवादिनी बहनों की टोली नायक बहन संध्या तिवारी, अरुंधति साहू, दिव्या साहू, हेमा अमृते, रश्मि मरकाम, ललिता गढ़वाल ने सनातन धर्म के तत्वदर्शी सप्तर्षि गौतम,याज्ञवल्क्य, वशिष्ठ, विश्वामित्र, भारद्वाज, अत्री, कश्यप का वैदिक मंत्रों द्वारा आवाहन एवं पूजन किया. तत्पश्चात 33 कोटि देवताओं का यज्ञ की सर्वतो भद्रमंडल पर 108 दंपति जोड़ों के द्वारा सर्वप्रथम षोडशोपचार पूजन लौकिक एवं वैदिक मंत्र के द्वारा संपन्न किया गया.
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि गिरिडीह जिला जज नीरजा आसरी थीं. दम्पति जोड़ों के द्वारा मुख्य बेदी पर पूजन एवं यज्ञ कुंड में मुख्य रूप से 532 दंपति जोड़ों के साथ गायत्री मंत्र महामृत्युंजय मंत्र, सूर्य गायत्री मंत्र, सरस्वती, लक्ष्मी, दुर्गा, हनुमान गायत्री मंत्र के द्वारा धर्म की जय हो अधर्म का नाश हो प्राणियों में सद्भावना हो, विश्व का कल्याण हो के पवित्र भाव से तीन पारियों में श्रद्धालु भाई बहनों ने भारतीय वेशभूषा का ध्यान रखते हुए महिलाएं साड़ी में एवं पुरुष भाई धोती अंग वस्त्र में यज्ञ में अपनी-अपनी आहुतियां समर्पित किया.
मुख्य अतिथि गिरिडीह जिला जज नीरजा आसरी ने कहा कि यज्ञ इस ब्रह्मांड का केंद्रक है जिसके माध्यम से ब्रह्मांडीय ऊर्जा को मनुष्य अपने अंदर धारण करके अपने दुर्गुणों को हवन की समिधा की तरह जलाकर, अपने अंदर के प्रकाश रूपी सद्गुण को प्रज्ज्वलित कर सकता है. यही कारण है हमारे आर्यावर्त में 33 करोड़ वाली जनसंख्या में प्रत्येक व्यक्ति प्राचीन काल में यज्ञीय जीवन जीकर विश्व मानवता के सामने शांति सुख और संतोष का विज्ञान प्रस्तुत किया था.
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शांतिकुंज हरिद्वार की ब्रह्मवादिनी बहनों में टोली नायक के रूप में पधारी बहन संध्या तिवारी ने कहा कि भारतीय संस्कृति के दो निर्माता यज्ञ पिता गायत्री माता हैं. गायत्री महामंत्र के 24 अक्षर इस ब्रह्मांड के सकारात्मक ऊर्जा को अपने अंदर स्थित प्राण स्वरूप परमात्मा को परिष्कृत और प्राण वान बनाकर वसुधैव कुटुंबकम के रूप में पूरी दुनिया को परिवार भाव से विकसित किया था.

इस दौरान ब्रह्मवादिनी बहनों के द्वारा यज्ञ का संचालन प्राचीन काल की ऋषिकायें अरुंधति अपाला, अघोषा, कात्यायनी, सावित्री, मदालसा की परंपरा को पुनर्जीवित करते हुए धर्म मंच से लिंग भेद की दीवारों को तोड़ते हुए समानता के भाव से धर्म तंत्र का व्यवस्थित संचालन कोडरमा जिला के लिए अद्भुत और आश्चर्यजनक पल है. मंच संचालन नरेंद्र विद्यार्थी एवं प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ के प्रतिनिधि सुरेश कुमार यादव ने संयुक्त रूप से किया. कार्यक्रम को सफल बनाने में ट्रस्टी, जिला समन्वयक, प्रखंड समन्वयक, महिला मंडल, युवा मंडल के साथ रामगढ़, हजारीबाग, रांची, टाटानगर, बोकारो, चतरा, पलामू, गया, नवादा जिला से कार्यकर्ता बहन भाई अपना योगदान कर रहे हैं.




