
Jamshedpur : लोक सेवा संघ आयोग (यूपीएससी) की ओर से सिविल सर्विस परीक्षा का फाइनल रिजल्ट सोमवार को जारी किया गया है. इस परीक्षा में कोल्हान भर के युवाओं ने अपना पचरम लहराया है. साथ ही झारखंड का मान बढ़ाया है. इनमें जमशेदपुर की बिटियां श्रुति राजलक्ष्मी को 25 वां रैंक प्राप्त हुआ है. जबकि सरायकेला-खरसवां जिले के चौका (खूंटी) जैसे एक छोटे से गांव में रहने वाले विकास महतो ने 110 वां स्थान हासिल किया है. वहीं जमशेदपुर से सटे औद्योगिक नगरी आदित्यपुर के लाल सुमित ठाकुर को 261 वां रैंक प्राप्त हुआ है.
जमशेदपुर की बिटियां श्रुति राजलक्ष्मी को 25 वां रैंक

यूपीएससी की परीक्षा में जमशेदपुर की बिटियां श्रुति राजलक्ष्मी को 25 वां स्थान प्राप्त किया है. श्रुति कदमा की रहने वाली है. श्रुति ने लोयला स्कूल से 10वीं तक की पढ़ाई की है. श्रुति लोयला स्कूल से 2013 बैच की साइंस टॉपर रही चुकी है. इसके बाद दिल्ली के डीपीएस आरके पुरम से 12वीं की पढ़ाई की है. श्रुति का बचपन जमशेदपुर में ही गुजरा है. फिलहाल वे रांची में रहती है. श्रुति ने बनारस के बीएचयू से आइआइटी 2019 में कंप्यूटर साइंस की छात्र रही है. इसके बाद उसने एक वर्ष तक नौकरी भी की है. श्रुति के पिता आनंदर कुमार पेशे से वकील है. वहीं माता चांडिल प्रखंड की सीडीपीओ रह चुकी है.
स्कूली वैन चालक के पुत्र सुमित ठाकुर को मिला 261 वां रैंक

जमशेदपुर से सटे औद्योगिक नगरी आदित्यपुर के लाल सुमित कुमार ठाकुर को यूपीएससी में 263 वां स्थान मिला है. सुमित को यह सफलता तीसरी बार के प्रयास में मिली है. सुमित के पिता विजय कुमार ठाकुर पेशे से स्कूली वैन चालक है. सुमित की प्रारंभिक शिक्षा बिष्टुपुर स्थित रामकृष्ण मिशन स्कूल से हुई है. इसके बाद सुमित ने साकची स्थित राजेंद्र विद्यालय से 12वीं की परीक्षा पास की. जेईई मेन के आधार पर सुमित को बीआइटी सिंदरी धनबाद में दाखिला मिला. वहां उन्होंने 2014-18 बैच में कंप्यूटर साइंस में एडमिशन लिया और अपना कोर्स पूरा किया.
चौका के लाल विकास महतो को 110 वां रैंक

सरायकेला-खरसवां जिले के चौका में रहने वाले विकास महतो ने यूपीएससी में 110 वां रैंक प्राप्त किया है. विकास ने वर्ष 2020 में भी आयोजित यूपीएससी परीक्षा पास की थी, लेकिन उसे 446 वां रैंक प्राप्त हुआ था. उसके बाद उसे भारतीय राजस्व सेवा में योगदान देने का अवसर मिला, लेकिन विकास का लक्ष्य आइएएस बनना था. विकास ने नागपुर में प्रशिक्षण के दौरान फिर से यूपीएससी परीक्षा देने का फैसला किया. जिसका परिणाम रहा कि 2021 में यह सफलता हांथ लगी. विकास के पिता चक्रधर महतो जमशेदपुर के मानगो में अंचल निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता अंबालिका महतो इंडियन आयल गैस चौका की ऑथराइज्ड डीलर है.




