
New Delhi : उत्तर प्रदेश पुलिस ने राजधानी के शाहीन बाग स्थित दफ्तर में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के दफ्तर पर रविवार को छापा मारा. एसटीएफ की तरफ से यह कार्रवाई हाथरस में दंगा भड़काने के लिए हुई टेरर फंडिंग के मामले में जांच के क्रम में की गई है. छापे के दौरान पुलिस ने पैंफलेट्स, प्लेकार्ड, सीडी और पैनड्राइव जब्त की.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यूपी एसटीएफ की तरफ से यह कार्रवाई दिल्ली में CAA के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा और हाथरस में दंगे की साजिश से जुड़े आरोपी रउफ शरीफ से पूछताछ के बाद की गई. रउफ शरीफ पीएफआई के स्टूडेंट विंग का अध्यक्ष है. यूपी एसटीएफ के अनुसार रउफ शरीफ के ऊपर उत्तर प्रदेश में सीएए के खिलाफ प्रदर्शनों में भी फंडिंग करने का आरोप है.
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केरल की जेल में बंद था रउफ
रउफ शरीफ को यूपी एसटीएफ केरल की एरनाकुलम जेल से लाई है. ईडी ने रउफ शरीफ के खिलाफ दिसंबर, 2020 में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था. रउफ शरीफ को बीते गुरुवार को मथुरा कोर्ट ने 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. पुलिस ने रउफ शरीफ की 10 दिन की रिमांड मांगी थी.
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विदेश से फंडिंग हासिल करने में की थी मदद
यूपी एसटीएफ के मुताबिक, रउफ शरीफ ने विदेश से फंडिंग हासिल करके सिद्दीकी कप्पन और अन्य को पैसे दिए. हाथरस में दंगा भड़काने की साजिश में सिद्दीकी कप्पन भी आरोपी है.
हाथरस गैंगरेप केस के बाद चार लोगों की हुई थी गिरफ्तारी
हाथरस गैंगरेप केस के बाद मथुरा जा रहे 4 लोगों को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार किया था. इसको लेकर मथुरा में UAPA के तहत केस दर्ज हुआ था. पुलिस की ओर से कहा गया था कि मथुरा जाते समय गिरफ्तार 4 लोगों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि हाथरस में दंगा फैलाने की साजिश थी.
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