
Jadugora : यूसीआईएल के संयुक्त मजदूर यूनियन के सदस्यों ने बुधवार को उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा. यूनियन के महासचिव रमेश माझी ने बताया कि यूरेनियम कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड जादूगोडा लोक उपक्रम भारत सरकार के नियम में डीआई बोर्ड द्वारा स्वीकृत नई स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति योजना 2008 के तहत मजदूरों का गंभीर बीमारियों के कारण आश्रितों को नियोजन दिया जाना था. 2018 में बोर्ड के निर्देश के आलोक में यूसीआईएल प्रबंधन द्वारा परिपत्र निर्गत किए गए. नये वीआरएस नियमों के तहत सात प्रकार की गम्भीर बीमारियों की जांच यूसीआईएल के मेडिकल बोर्ड द्वारा की जाता है, जिसमें टाटा मोटर्स हॉस्पीटल के डाक्टर को भी शामिल किया जाता है और योग्य पाए गए मजदूरों के नाॅमिनी को नियोजन दिए जाने का प्रावधान है. विगत सात महीनों से स्थगित है, क्योंकि पुराने वीआरएस नियमों के तहत वर्ष 2016-17 में कुछ मजदूर वीआरएस लिए, पर वर्ष 2014 से 2018 तक जादूगोडा एवं भाटिन खदान लीज नवीकरण मामले के चलते बन्द था, इससे प्रबंधन नियोजन कराने में विफल रहा. कम्पनी का मेडिकल बोर्ड नियमतः सही है. उपायुक्त उसे पुनः संचालन का निर्देश दें. यदि 15 दिनों में हमें कुछ सकारात्मक जवाब नहीं मिला तो मामले को झारखंड के परिवहन मंत्री चंपई सोरेन एवं स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के समक्ष रखा जाएगा. इस मौके पर जादूगोड़ा लेबर यूनियन के महासचिव सुरजीत सिंह, यूरेनियम मजदूर संघ के महासचिव आनंद महतो, सुमु यूनियन के महासचिव रमेश माझी, यूरेनियम कामगार यूनियन के महासचिव राजा राम सिंह समेत अन्य लोग उपस्थित थे.
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