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दिल्ली में अमित शाह की रैली में CAA के विरोध में बैनर दिखानेवाली दो महिलाओं को घर से निकाला

  • 150 लोगों की भीड़ घर में घुस गयी, भद्दी टिप्पणियां कीं

NewDelhi: दिल्ली के लाजपत नगर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की रैली के दौरान नागरिकता कानून के विरोध में बैनर लगाना दो महिलाओं को भारी पड़ा. उन दोनों महिलाओं को उनके किराये के घरसे निकाल दिया गया.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार इनमें से एक महिला सूर्या राजप्पन, जो कि पेशे से वकील हैं, ने कहा कि उनके विरोध करने के कारण करीब 150 लोगों की भीड़ ने उनके घर के भीतर घुसने की कोशिश की औऱ उन्हें धमकियां दीं.

सूर्या राजप्पन ने कहा कि जब हमें अमित शाह की रैली के बारे में पता चला तो हमने विरोध के अपने संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल किया. एक आम नागरिक के रूप में गृहमंत्री के सामने असहमति जताने का यह अच्छा अवसर था. मेरा विश्वास है कि अगर मैं ऐसा नहीं कर पाती तो मेरी अंतर्रात्मा मुझे कभी माफ नहीं करती.’

उन्होंने कहा, ‘जैसे ही अमित शाह की अगुवाई में रैली हमारी गली से गुजरी तो फ्लैट में रहनेवाली मेरी सहयोगी और मैंने हमारी बालकनी से बैनर लहराया. बैनर पर लिखा था, ‘शेम’, ‘सीएए’ और ‘एनआरसी’, ‘जय हिंद’, ‘आजादी’ और नॉट इन माई नेम’.

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रैली में शामिल लोगों ने भद्दी टिप्पणियां कीं

हमने बैनर में किसी तरह के आपत्तिनजक शब्दों का इस्तेमाल नहीं करने का फैसला किया था. हमारे विरोध का पता चलने पर रैली के सदस्यों ने हम पर गुस्सा किया और हम पर भद्दी और आपत्तिजनक टिप्पणियां की और हमें धमकाने की कोशिश की.’

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उन्होंने कहा कि भीड़ ने बैनर को हमसे छीन कर फाड़ दिया. भीड़ सीढ़ी से हमारे अपार्टमेंट की तरफ बढ़ने लगी और वे लोग धमकाने लगे कि अगर हमने दरवाजा नहीं खोला तो वे इसे तोड़ देंगे.

उन्होंने कहा कि हमने इतनी हिंसक प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं की थी. हमें अपनी जान का डर लगा और हमने खुद को अपने घर में बंद कर लिया जबकि वे तब तक हिंसक रूप से हमारा दरवाजा पीटते रहे और चिल्लाते रहे जब तक पुलिस नहीं आ गयी.

मकान मालिक ने प्रवेश द्वार पर लगा दिया ताला

यही नहीं इन दोनों महिलाओं की परेशानियां खत्म नहीं हुईं. उन्होंने बताया कि उनके मकान के एंट्रेंस को उनके मकान मालिक ने लॉक कर दिया. वे दोनों घर फंस गयीं और बाहर नहीं जा पायीं.

उन्होंने कहा कि हमारा मकान मालिक भी इस भीड़ का हिस्सा था. हमने डर कर अपने दोस्तों को मदद के लिए फोन किया. जब वे मदद के लिए मौके पर पहुंचे तो भीड़ ने उन्हें धक्का दिया और उनके साथ मारपीट करने की धमकी दी और उन्हें अदंर नहीं जाने दिया. तीन से चार घंटे हम अंदर फंसे रहे. इस बीच हमारे मकान मालिक ने कहा कि हमें घर से निकाल दिया गया है.

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पुलिस ने भीड़ के खिलाफ मामला दर्ज किया

उन्होंने कहा कि काफी समय बीत जाने के बाद हमारे दोस्तों के प्रयासों के बाद मेरे पिता एक पुलिस अधिकारी के साथ आये. पुलिस ने भीड़ के खिलाफ मामला दर्ज किया. सात घंटे बाद सीढ़ियों दरवाजा खुला और हम पुलिस की सुरक्षा में बाहर जा पाये. उसके बाद हमने अपन सामान पैक किया और चले गये.

इस घटना पर पूछने पर मकान मालिक ने कहा कि अमित शाह की रैली के दौरान नागरिकता कानून के विरोध में बैनर दिखाये जाने के अगले दिन वे दोनों कहीं चली गयी हैं. वे अपने माता-पिता केसाथ गयी हैं औऱ उन्हें नहीं मालूम है कि वे कहां गयी हैं. उन्होंने कहा कि वह घटना पूरे इलाके के लिए परेशानी का कारण बन गयी थी.

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