
Ranchi : राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को फिर से एक बार बड़ा झटका लगा है. राष्ट्रीय जनता दल झारखंड में दो फाड़ हो गया है. गौतम सागर राणा को अध्यक्ष पद से हटाने के बाद से ही पार्टी के अंदर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा था. उसके बाद से ही यह कयास लगाये जा रहे थे कि आरजेडी दो भागों में बंट जाएगा. आखिर में हुआ भी वही. गौतम सागर राणा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जनता दल लोकतांत्रिक का गठन किया गया है. कुछ दिन पहले ही राजद ने गौतम सागर राणा को अध्यक्ष पद से हटाकर अभय कुमार सिंह को राजद का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया था. उसके बाद से ही पार्टी में अंदरखाने यह सब चल रहा था.
वहीं राजद सुप्रीमो लालू यादव चारा घोटाले के चार मामलों में रांची के बिरसा मुंडा जेल में सजा काट रहे थे. लेकिन उनके खराब स्वास्थ्य को देखते हुए रांची के रिम्स लाया गया. जहां उनका इलाज चल रहा है. वहीं लोकसभा चुनाव से पहले लालू प्रसाद यादव की करीबी माने जाने वाली अन्नपूर्णा देवी ने भाजपा का दामन थाम लिया था. जिसके बाद से ही राजद में बिखराव की स्थिति उत्पन्न हो गयी थी. अन्नपूर्णा देवी ने भाजपा की टिकट से कोडरमा सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत गयीं.
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14 में से दो सीटों पर राजद ने आजमाया था भाग्य
राष्ट्रीय जनता दल ने झारखंड में अपनी खोई पैठ फिर से बनाने के लिए 14 में से दो सीटों पर लोकसभा चुनाव में भाग्य आजमाया था. पर इन दोनों सीटों पर भी राजद को बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा था. महागठबंधन के तहत पलामू से घुरन राम ने चुनाव लड़ा था.
वहीं महागठबंधन की शर्तों की अवहेलना कर चतरा से सुभाष यादव को मैदान में उतारा गया था. झारखंड विधानसभा में राजद के एक भी विधायक नहीं हैं. पलामू से विधानसभा में राजद की उम्मीद माने जाने वाले गिरिनाथ सिंह ने भी लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा का दामन थाम लिया है.
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