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ट्वीटर चौपाल में हेमंत पर सवालों की झड़ी, बीजेपी का पलटवार और चुनाव आयोग से शिकायत

पूछा, जेएमएम क्यों नहीं लड़ती अकेले चुनाव

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Ranchi:  ट्विटर इंडिया द्वारा आयोजित “#हेमंत की चौपाल” कार्यक्रम में जेएमएम कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन से राज्य भर की जनता ने कई सवाल पूछे. जिसका हेमंत सोरेन ने बेबाकी से जवाब दिया. इन सवालों में स्थानीय नीति, शिक्षा, बेरोजगारी, स्कूलों के विलय, स्वास्थ्य जैसे मुद्दे प्रमुखता से शामिल थे. लेकिन इन सवालो के बीच जो सबसे दिलचस्प सवाल था, वह महागठबंधन को लेकर था. दुमका से ज्ञानप्रकाश नामक व्यक्ति ने ट्विटर के माध्यम से हेमंत सोरेन से सवाल पूछा कि “जेएमएम अकेले क्यों नहीं चुनाव लड़ती है. जनता उनसे जानना चाहती है कि क्या गठबंधन इतना जरूरी है? क्या आपको ऐसा नहीं लगता कि जेएमएम को अकेले चुनाव लड़कर सरकार बनानी चाहिए”. इसपर हेमंत सोरेन ने जवाब देकर कहा कि जब भी एक लंबा सफर तय करना होता है, या एक बड़ी छलांग लगायी जाती है, या मंजिल तक पहुंचाना होता है, तो उसमें कुछ जुगाड़ लगाया जाता है. ऐसे में कभी-कभी कंकड़-पत्थर को भी सीढ़ी बनाना पड़ता है. हेमंत का साफ इशारा महागठबंधन के सहयोगी दल (कांग्रेस, जेवीएम, वामदल) को लेकर था.

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राज्य हित प्रमुख, साथ नहीं देने वाली पार्टी को भी छोड़ सकती है जेएमएम

राज्य हित को लेकर हेमंत सोरेन ने कहा कि आज राज्य में जैसी मौजूदा स्थिति है, उस स्थिति में यह आवश्यकता है कि महागठबंधन बने. हालांकि इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि महागठबंधन में शामिल दल अगर राज्य हित के विषय में सहयोग नहीं करेंगे, तो जेएमएम के लिए यह संभव नहीं कि पार्टी भविष्य में भी उसके साथ चले.

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हेमंत की नजरों में उनके सहयोगी कंकड़ और पत्थर हैं: प्रतुल शाहदेव

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने हेमंत सोरेन की ट्विटर चौपाल को फर्जी चौपाल करार दिया. प्रतुल शाहदेव ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा ने जिस तरीके की हाइप बनाने की कोशिश की उस से लगा जैसे मानो ट्विटर ने हेमन्त को न्योता दिया हो. जबकि वास्तविकता में यह पूरे तरीके से प्रायोजित कार्यक्रम था. प्रतुल ने कहा कि महागठबंधन के प्रश्न पर हेमंत सोरेन ने कहा कि आगे बढ़ने के लिए कंकड़ पत्थर का भी प्रयोग किया जाता है. तो क्या हेमंत सोरेन की नजर में कांग्रेस, झारखंड विकास मोर्चा और राजद जैसे सहयोगी दलों की हैसियत सिर्फ कंकर और पत्थर जैसी है जिसका वह प्रयोग करके फेंक देंगे?  प्रतुल ने कहा कि हेमंत के सहयोगी दलों को भी शर्म आनी चाहिए कि वे जिस झामुमो की पूंछ पकड़कर चल रहे हैं, वह उनकी राजनीतिक हैसियत को कंकड़ पत्थर से ज्यादा नहीं समझता. भारतीय जनता पार्टी ने इस पूरे ‘ट्विटर पर चौपाल’ कार्यक्रम को चुनाव से जुड़ा कार्यक्रम बताते हुए इसकी शिकायत राज्य निर्वाचन आयोग में करते हुए कहां है कि इस कार्यक्रम के लिए उचित कार्रवाई की मांग की है.

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