
Ranchi/ Delhi: केंद्रीय जनजातीय मंत्री और भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) के अध्यक्ष अर्जुन मुंडा ने कहा है कि उनके मंत्रालय का प्रयास देश में और भी तीरंदाज तैयार करना है. इसके लिए देश के 100 एकलव्य स्कूलों में तीरंदाजी अकादमी स्थापित किया जाएगा. आज एशिया कप में इतिहास रचने वाली भारतीय जूनियर तीरंदाजी टीम से मिलने के क्रम में उन्होंने यह बात कही. शारजाह में आयोजित हुए एशिया कप में इतिहास रचने वाली भारतीय जूनियर तीरंदाजी टीम के खिलाड़ियों से अपने आवास पर उन्होंने तीरंदाजी टीम का स्वागत किया. खिलाड़ियों, सचिव, टीम कोच व हाई परफोर्मर डायरेक्टर को बधाई दी.
गौरतलब है कि भारतीय जूनियर तीरंदाजों ने शारजाह में आयोजित एशिया कप के तीसरे चरण में अपना वर्चस्व कायम रखते हुए पांच स्वर्ण समेत 10 पदक जीते. कंपाउंड वर्ग में भारत ने आठ में से सात पदक जीते और व्यक्तिगत महिला वर्ग में ‘क्लीन स्वीप’ किया जिसमें प्रगति, अदिति स्वामी और परनीत कौर ने शीर्ष तीन स्थानों पर कब्जा किया. अर्जुन मुंडा के मुताबिक़ खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एशिया कप, शारजाह में भारत के लिए 10 पदक जीते . भारतीय जूनियर तीरंदाजी टीम ने 5 स्वर्ण, 3 रजत और 2 कांस्य पदक जीतकर पदक रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया और कंपाउंड श्रेणी में संभावित 8 में से 7 पदक जीतकर इतिहास भी रचा है. उन्हें पूरा विश्वास है कि टीम आगे भी इसी तरह बेहतर प्रदर्शन करके देश का नाम रोशन करती रहेगी .
यह बहुत बड़ी उपलब्धि है कि हमारे ख़िलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और पूरे देश में अगर तीरंदाजी के लिए एक बहुत अच्छा माहौल है. एक अच्छा भविष्य दिख रहा है . भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) के माध्यम से कोशिश ये हो रही है कि हम सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित कर सकें . आदिवासी बच्चों के बीच प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय एकलव्य विद्यालयों में तीरंदाजी अकादमी स्थापित करने की तैयारी की है.
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