
Ranchi: साहिबगंज के पत्थर कारोबारी टिंकल भगत जमानत याचिका की सुनवाई झारखंड हाई कोर्ट में शुक्रवार को हुई. मामले में प्रार्थी की ओर से बहस जारी रही. कोर्ट ने ईडी से पूछा है कि प्रार्थी द्वारा दो प्लॉट पर माइनिंग के लिए कॉन्सेंट टू ऑपरेट का दस्तावेज सही है या नहीं? इस संबंध में कोर्ट ने ईडी को शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश कोर्ट ने दिया. हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति एसएन प्रसाद की कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 15 मार्च निर्धारित की है. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता अनिल कुमार ने पैरवी की.
पिछली सुनवाई में प्रार्थी की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि अवैध खनन का यह मामला शेड्यूल ऑफेंस में नहीं आता है. जिस प्लॉट पर अवैध माइनिंग की बात कही जा रही है वह प्लॉट सरकार से लीज पर लिया गया था . प्रार्थी को झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से दो प्लॉट पर माइनिंग के लिए कंसेंट टू ऑपरेट भी मिला है. उनकी ओर से इस संबंध में दस्तावेज भी कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया था. प्रार्थी को ईडी ने समन कर तीन बार बुलाया था, जिसपर वह ईडी के समक्ष उपस्थित हुए थे.मामले के एक सह आरोपी कृष्णा साहा को हाई कोर्ट से जमानत मिल चुकी है. इसलिए प्रार्थी को भी जमानत दी जाए.
बता दें की ईडी की विशेष अदालत ने पूर्व में टिंकल भगत जमानत याचिका खारिज कर दी थी, इसके बाद उनकी ओर से हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की गई है. मामले में ईडी ने टिंकल भगत के खिलाफ 2 सितंबर को अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था. टिंकल साहिबगंज में एक हजार करोड़ के अवैध पत्थर खनन मामले से जुड़ा हैं. टिंकल भगत को ईडी ने 7 जुलाई 2023 को गिरफ्तार किया था. वह पूर्व सीएम के बरहेट विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा का खास सहयोगी माना जाता है. वह खनन के पैसे पंकज मिश्रा को भी पहुंचता था.




