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MSME को तीन साल की बड़ी राहत: झारखंड में उद्योग शुरू करना अब और हुआ आसान, विशेष छूट अधिनियम 2025 लागू

Nikhil Kumar

Ranchi: झारखंड सरकार ने राज्य में निवेश और उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए “झारखंड सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम MSME (विशेष छूट) अधिनियम, 2025” को लागू कर दिया है। विधि (विधान) विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब राज्य में पंजीकृत नए MSME उद्यम पहले तीन वर्षों तक लगभग सभी प्रमुख लाइसेंसों एवं निरीक्षणों से मुक्त रहेंगे। आदेश राज्यपाल की सहमति के बाद प्रभावी हुआ है।

सरकार का कहना है कि इससे उद्योगों की स्थापना तेज होगी, कागजी प्रक्रिया घटेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

क्या बदल जाएगा — अधिनियम का पूरा ढांचा (विस्तृत)

 

1. उद्योग शुरू करना अब बेहद सरल

कोई भी व्यक्ति केवल आशय की घोषणा (Declaration of Intent) देकर अपना उद्योग तुरंत शुरू कर सकेगा। यह घोषणा राज्य के MSME ऑनलाइन पोर्टल पर या सिंगल विंडो सेंटर (नेपाल हाउस, रांची) में जमा की जा सकेगी। घोषणा के लिए कोई भी शुल्क नहीं लिया जाएगा। आवेदन स्वीकार होते ही कंप्यूटर जनित “अभिवीकृत प्रमाण-पत्र” तुरंत जारी कर दिया जाएगा। इस प्रमाण-पत्र को ही शुरुआती 3 वर्षों तक लाइसेंस के स्थान पर मान्यता मिलेगी।

2. उद्योग को 3 वर्षों तक छूट — यह सबसे बड़ा प्रावधान

अधिनियम के तहत MSME उद्यमी को स्थापना के पहले तीन वर्षों तक इन प्रमुख आवश्यकताओं से छूट मिलेगी —

व्यापार लाइसेंस

दुकान एवं स्थापना अधिनियम का पंजीकरण विभिन्न विभागों के अनुमोदन, जिन्हें सरकार भविष्य में अधिसूचना के माध्यम से जोड़ सकती है। इसका मतलब — उद्योग शुरू करने के लिए तत्काल लाइसेंस या पंजीकरण की बाध्यता नहीं रहेगी।

3. तीन वर्षों तक कोई नियमित निरीक्षण नहीं

किसी भी विभाग को उद्यम में प्रवेश कर निरीक्षण करने की अनुमति सीधे तौर पर नहीं होगी। हालांकि, निरीक्षण केवल 3 स्थितियों में संभव होगा:

1. मानव जीवन को खतरा

2. पर्यावरण को क्षति

3. सुरक्षा संबंधी गंभीर शिकायत

निरीक्षण की अनुमति देना केवल जिला दंडाधिकारी (DM) या MSME निदेशक के अधिकार क्षेत्र में होगा। इस तरह उद्योग शुरुआत में बार-बार होने वाली जांचों और दबावों से मुक्त रहेगा।

4. उद्यमी की प्रमुख जिम्मेदारियाँ — 3 साल बाद क्या करना होगा?

उद्यमी को अपनी गतिविधियों के लिए कुछ शर्तों का पालन अनिवार्य होगा —

3 वर्ष पूरे होते ही 6 महीने के भीतर सभी विभागीय लाइसेंस/अनुमोदन अनिवार्य रूप से प्राप्त करने होंगे।

सुरक्षा मानकों, अग्नि सुरक्षा, पर्यावरण नियमों आदि का पालन करना होगा।

उद्योग की प्रकृति, स्थल, स्वामित्व, साझेदारी आदि में कोई बदलाव होने पर नोडल एजेंसी को सूचना देना आवश्यक होगा।

कोई प्रतिबंधित या खतरनाक गतिविधि नहीं चलानी होगी।

 

5. नोडल एजेंसियाँ — पूरा ढांचा

अधिनियम के सुचारू क्रियान्वयन के लिए दो स्तर की नोडल एजेंसी निर्धारित की गई हैं—

राज्य स्तर— MSME निदेशालय

जिला स्तर— जिला MSME केंद्र (DMC)

ये एजेंसियाँ रिकॉर्ड रखती हैं, घोषणाएँ दर्ज करती हैं, निरीक्षण की अनुमति पर निर्णय लेती हैं और प्रमाण-पत्र से संबंधित सभी कार्यवाही संभालती हैं।

6. किन हालात में कंप्यूटर जनित प्रमाण-पत्र रद्द हो सकता है?

निम्न परिस्थितियों में जारी प्रमाण-पत्र निरस्त किया जा सकता है —

गलत या भ्रामक जानकारी देना

अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन

MSME श्रेणी की पात्रता समाप्त होना

गतिविधि स्थल बदलना और जानकारी न देना

उद्यम का विलय, विभाजन या अधिग्रहण

रद्दीकरण से पहले उद्यमी को नोटिस एवं स्पष्टीकरण का अवसर दिया जाएगा।

 

7. सरकार को व्यापक अधिकार

 

राज्य सरकार को इस अधिनियम के अंतर्गत—

अनुसूची में संशोधन करने

नए अनुमोदन जोड़ने

कार्यान्वयन के लिए नियम अधिसूचित करने का अधिकार प्राप्त है।इससे अधिनियम को लचीला और समयानुसार अद्यतन रखने की शक्ति सरकार को मिलती है।

सरकार के अनुसार यह अधिनियम उद्योग-अनुकूल माहौल तैयार करेगा।

महत्वपूर्ण लक्ष्य—

MSME सेक्टर को गति देना

निवेश बढ़ाना

रोजगार के अवसरों में वृद्धि

शुरुआती चरण में जटिल कागजी प्रक्रिया को कम करना

सरकार का दावा है कि इससे झारखंड देश के उन राज्यों में शामिल होगा जहाँ स्टार्टअप और MSME स्थापना सबसे आसान होगी।

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