
Koderma: कोडरमा में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति देने के नाम पर घोटाले मे पुलिस ने कार्रवाई करते हुये तीन और आरोपियों को मंगलवार को जेल भेज दिया. जानकारी के अनुसार मुनाजिर हुसैन, पिता इरशाद आलम एंव नौशाद आलम पिता इम्तियाज जलवाबाद और मो अली, पिता स्व गुलाम, करमा को जेल भेजा गया. कल्याण विभाग के रिटायर्ड क्लर्क मोबिन अंसारी और कम्पयूटर ऑपरेटर मो हैदर सहित अन्य पर आरोप है कि अल्पसंख्यक छात्रों को भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले छात्रवृत्ति का लगभग 1.5 करोड़ रुपए गबन का मामला सामने आया था. जिला कल्याण पदाधिकारी नीली सरोज कुजूर ने कोडरमा थाना में कांड संख्या 275/ 22 दर्ज कराया था.
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वहीं कल्याण विभाग द्वारा जिले में मैट्रिक अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाले के आरोप में 10 विद्यालय के प्राचार्य के अलावे जिला कल्याण कार्यालय से रिटायर्ड क्लर्क मो मोबिन, क्लर्क प्रमोद कुमार मुंडा और कम्प्यूटर ऑपरेटर मो हैदर सहित एक एक दर्जन से अधिक लोगों को अभियुक्त बनाया. क्लर्क मोबिन अंसारी और कम्पयूटर ऑपरेटर मो हैदर, प्रमोद मुंडा को पहले ही जेल भेज दिया गया है. सूत्रों की मानें तो चार और लोगों को कोडरमा थाना में लाकर पूछताछ किया जा रहा है. कोडरमा में 1433 अल्पसंख्यक छात्रों के नाम पर तकरीबन डेढ़ करोड़ रुपए की राशि गबन मामले में अनियमितता को लेकर डीसी आदित्य रजंन के आदेशानुसार अपर समाहर्ता अनिल तिर्की, तत्कालीन एसडीओ मनीष कुमार सहित अन्य के द्वारा इस पूरे मामले की जांच करवाई गई थी.
जांचोपरांत यह बात सामने आई थी कि फर्जी स्कूल और फर्जी छात्रों के नाम पर अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति के नाम पर मिलने वाली राशि का गबन किया जा रहा है. वहीं कोडरमा थाना प्रभारी द्वारिका राम ने बताया कि छात्रवृत्ति घोटाले मामले में तीन और अभियुक्त को जेल भेज दिया गया है, जबकि रिटायर्ड क्लर्क मो मोबिन, क्लर्क प्रमोद कुमार मुंडा और कम्प्यूटर ऑपरेटर मो हैदर को पहले ही जेल भेजा जा चुका है. अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द की जाएगी.




