
Jamshedpur : यह जुबिली पार्क नहीं है. टाटा स्टील द्वारा सीआरएम बारा के पास विकसित किया गया खूबसूरत तालाब हैं, जो कारखानों के डंपिंग ग्राउंड के बीच एक खूबसूरत अहसास करा जाता है. आप टिमकेन कंपनी से आगे बढ़ते हुए कचरे के विशालकाय पहाड़ से जैसे ही टाटा ब्लू स्कोप कंपनी के अंदर दाखिल होते हैं, सौ मीटर दूर सामने की हरियाली आपको खूबसूरत नजारा पेश करती है. आपको लगता है कि आप किसी पार्क में चले जा रहे हैं लेकिन नजदीक जाते हैं तो बड़ा-सा खूबसूरत तालाब आपकी मेहमानी करता दिखता है.

तालाब के उदघाटन के लिए आए टाटा स्टील के वीपी (सीएस) चाणक्य चौधरी बताते हैं-आज से दो दशक पहले तक इस क्षेत्र में प्राकृतिक तालाब थे और प्रवासी पक्षी हर साल यहां आते थे. लेकिन आसपास के इलाकों में क्रंक्रीट की इमारतें खड़ी होने और डंपिंग ग्राउंड बनने से धीरे-धीरे प्राकृतिक तालाब भर गये और प्रवासी पक्षी आना बंद कर दिए. 2019 में हमने खाली लगभग 50 एकड़ जमीन पर पहले की तरह प्राकृतिक तालाब बनाने का प्रोजेक्ट बनाया. इसकी जिम्मेवारी केआरजी को सौंपी गई. पहले एक, फिर दो, फिर तीन, चार और अब पांचवां तालाब बनकर तैयार है. अभी छठां बनने वाला हैं, जो दो माह में बन जाएगा. पांचवां तालाब क्षेत्र के हिसाब से सबसे बड़ा है. इसका क्षेत्रफल लगभग 17 एकड़ है. पहला तालाब एक एकड़, दूसरा 9 एकड़, तीसरा 1.5 एकड़, चौथा ढ़ाई एकड़ और पांचवां 17 एकड़ में बना है. छठा तालाब ढ़ाई एकड़ में बनेगा. इस तरह कुल 50 एकड़ में 33.5 एकड़ जमीन में हमने तालाब बना दिया है. इससे न केवल भूजल स्तर बढ़ेगा बल्कि प्राकृतिक वातावरण भी बनेगा. बाकी जगहों में हमने पेड़-पौधे लगाकर उसे ग्रीन कवर किया है.
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