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यह गांव के विकास की तस्वीर है, जहां मरीज को अस्पताल तक लाने के लिए 2 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है

Latehar : महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत हामी पंचायत के ग्राम मेढ़ारी के टोला भीतर कोना से शुक्रवार को वृद्ध बीमार प्रभुदास लकड़ा को स्थानीय ग्रामीणों ने इलाज के लिए महुआडांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. आप कहेंगे इसमें क्या बड़ी बात है. बड़ी बात है. इसलिए बड़ी बात क्योंकि बीमार को वहां तक पहुंचाने के काफी मशक्कत करनी पड़ी. दो किलोमीटर की पैदल यात्रा में जंगल झाड़ और नदी नाले पार करने पड़े. उसके बाद जाकर उसे वाहन नसीब हुआ. पैदल लाने के लए एक टोकरी बनायी गयी. उसे बांस में बांधा गया और उस टोकरी में बैठा कर बुजुर्ग बीमार को लाया गया.

सवाल तो कई हैं, पर सबसे अहम सवाल विकास का है. झारखंड बने 24 साल हो गये कई सरकारें आयीं और गयीं पर यह गांव अब भी एक सड़क के लिए तरस रहा है.

स्थानीय निवासी अजित पाल कुजूर ने बताया कि महुआडांड़ मुख्यालय से उनके गांव की दूरी लगभग 12 किलोमीटर है. गांव जाने के लिए नदी पार कर पगडंडी से होकर जाना पड़ता है. उन्होंने बताया कि पूर्व डीसी केके सोन, आराधना पटनायक सहित स्थानीय विधायक रामचंद्र सिंह को इस गांव में लाकर यहां की मूलभूत समस्या नदी पर पुल निर्माण, सड़क निर्माण को लेकर आवगत करा चुके हैं, लेकिन इतने साल होने के बाद भी अभी तक पुल सड़क का निर्माण नहीं हो सका है. स्थानीय महिलाओं सुमन्ती कुजूर, इरमा कुजूर, मोनिका बेक सहित कई अन्य महिलाओं ने बताया कि नदी पर पुल नहीं होने से बरसात के दिनों में गांव कई सप्ताह के लिए टापू बन जाते हैं. गांव की सबसे बड़ी समस्या नदी पर पुल नहीं होने के साथ-साथ सड़क, स्वास्थ्य सेवा, आंगनबाड़ी केंद्र का न होना है. बरसात में जब कभी भी कोई बीमार हो जाता है तो घंटों इंतजार कर टोकरी ढोकर नदी पार करके इलाज के लिए महुआडांड़ अस्पताल ले जाते हैं. प्रसव के समय महिलाओं को अस्पताल ले जाने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है. कभी कभी इलाज व पुल के अभाव में बीमार व्यक्ति की मौत गांव में ही हो जाती है. इससे भी बड़ी समस्या गांव में कोई भी अपनी बेटी का रिश्ता करने को तैयार नहीं होता है. जिससे करीब 12 से 13 नवयुवक बिन शादी के रह रहे हैं. साथ ही गांव में पेयजल की समस्या है. आज तक गांव में एक भी चापाकल बोरिंग नहीं हो पाया है. जिस कारण ग्रामीण आज भी बहती नदी और चुऑड़ी से पानी पीने को मजबूर हैं. सुमंती कुजूर, इरमा कुजूर, मोनिका बेक, विवियानी मिंज, अलोक लकड़ा,समीर कुजूर, उर्सेला तिर्की सहित कई ग्रामीण ने पुल सड़क निर्माण, पेयजल उपलब्ध कराने की मांग प्रशासन से की है. वहीं बीमार प्रभुदास लकड़ा का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर अमित खलखो द्वारा किया जा रहा है.

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