
Ranchi: जलसंसाधन में वैसे कंप्यूटर आपरेटर जो स्वीकृत पद के विरूद्ध कार्यरत नहीं हैं उनकी सेवा के नियमितीकरण पर विचार नहीं किया जायेगा. विभाग ने ऐेसे मामलों को झारखंड सरकार के अधीनस्थ अनियमित रूप से नियुक्त एवं कार्यरत कर्मियों की सेवा नियमितीकरण-2015 से आच्छादित नहीं मानते हुए इसे नियमितीकरण समिति के समक्ष नहीं रखने का फैसला लिया है. जलसंसाधन विभाग ने विभाग के ऐसे कंप्यूटर आपरेटरों के आवेदन को अस्वीकृत कर दिया है.
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दरअसल, बबीता कुमारी एवं अन्य कंप्यूटर आपरटर द्वारा अपनी सेवा नियमितिकरण किए जाने के लिए हाइकोर्ट झारखंड में याचिका दायर किया था. इन कर्मियों का यह कहना था कि अनुबंध,संविदा के आधार पर कार्यरत कर्मियों के नियमितीकरण के लिए कार्मिक विभाग द्वारा गठित विकास आयुक्त की समिति के अभिमत प्राप्त होने तक कंप्यूटर आपरेटर की सेवा अवधि को विस्तार दिया जाये.
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पूरे मामले में कोर्ट ने विभाग के समक्ष अपनी बात रखने को भी कहा था. विभाग ने कार्मिक विभाग के नियमावली का अवलोकन करते हुए यह स्पष्ट किया है कि इसके तहत अनियमित नियुक्ति से यह तात्पर्य है कि यथोचित प्रक्रिया अपनाये बिना प्राधिकार द्वारा की गयी नियुक्ति जिसमें अवैध नियुक्ति शामिल नहीं है अर्थात उक्त नियुक्ति स्वीकृति पद के विरूद्ध की गयी हो एवं कर्मी उक्त पद के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता धारित करते हों किन्तु चयन में खुली प्रतिस्पर्धा का रास्ता नहीं अपनाया गया हो.
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नियमावली में यह भी प्रावधान है कि सृजित पद केविरूद्ध कायर्रत एवं कम से कम 10 साल की लगातार सेवा करने वाले अनियमित रूप से नियुक्त कर्मियों की सेवा नियमितिकरण पर विचार नहीं किया जा सकेगा. यदि किसी कर्मी द्वारा धारित पद स्वीकृत न हो तथा यह निर्धारित योग्यता पूरी नहीं करता है तो कालान्तर में धारित पद स्वीकृत होने एवं पदधारक द्वारा निर्धारित शैक्षणिक योग्यता प्राप्त कर लेने की स्थिति में भी उसकी सेवा नियमितिकरण पर विचार नहीं किया जायेगा. नियमावली में यह भी है कि योग्य कर्मियों की सेवा नियमितिकरण के लिए सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति तय करेगी. ऐसे में अब इनके मामले इस समिति में नहीं रखे जायेंगे.
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