
Ranchi: पाकुड़ में बंद पड़े पत्थर खदानों को फिर से शुरू करने के लिये जिला प्रशासन से मांग की जा रही है. इस संबंध में पाकुड़ डीसी को पत्र लिखे जा रहे हैं. जिसमें कहा जा रहा है कि लीज धारकों की ओर से सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गयी है. इसके बाद भी खनन के लिये अनुमति नहीं दी जा रही है. यह भी कहा है कि अनुमति मिलने से जिला में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी. सोशल एक्टिविस्ट सुरेश कुमार अग्रवाल की ओर से मामले में एक पत्र लिखा गया है. जिसमें कहा गया है कि जिला में खनन के लिये इच्छुक व्यक्तियों ने आवेदन दिया है. आवेदन की सभी प्रक्रियांए पूरी हो गयी है. लेकिन सिर्फ डीसी की अनुमति का इंतजार है. ऐेस में जिला प्रशासन को मामले में तत्परता दिखानी चाहिये.
30 लीज धारकों ने दिया आवेदन: जिला में पत्थर खनन के लगभग 300 खान है. जो पिछले चार महीने से बंद हैं. बरसात से पत्थर खनन बंद है. वहीं, लगभग 30 इच्छुक लीज धारकों ने जिले में खनन की इच्छा जतायी है. और जिला प्रशासन के विज्ञापन के बाद आवेदन दिया है. आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी लीज धारकों को लाइसेंस निर्गत नहीं किया गया है. पत्र में लिखा है कि पाकुड़ जिला के संपूर्ण पत्थर व्यवसायी कठिनाइयों का सामना कर रहे है. दूसरी तरफ पत्थर उत्खनन खनन कार्य में हजारों हजार मजदूरों के सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो रही है. ऐसे में लीज निर्गत करने की मांग की गयी है.
चल रही जांच: जानकारी हो कि पाकुड़ और साहेबगंज में पत्थर खदानों की जांच चल रही है. जांच एनजीटी के आदेश के बाद चलायी जा रही है. जहां अंचल अधिकारियों की ओर से जिला में जिला में स्थित खदानों की सूची तैयार कर एनजीटी गाइडलाइंस के अनुसार हो रहे खनन की जांच की जा रही है. बता दें कि एनजीटी की टीम ने मार्च में साहेबगंज जिला का दौरान किया था. जहां कुछ स्थानों में हो रहे खनन पर आपत्ति दर्ज की गयी थी. वहीं, पाकुड़ जिला में अवैध खनन से संबधित मामला ट्रिब्यूनल में पेंडिंग है. जिसके बाद एनजीटी ने जांच का आदेश दिया.




