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चेड़ी व मनातू में जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक, जानें क्यों…

Ranchi : झारखंड सेंट्रल यूनिवर्सिटी में काफी दिनों से चला आ रहा जमीन विवाद अब सुलझ जायेगा. यूनिवर्सिटी के लिए कांके अंचल के मनातू और चेड़ी मौजा में 15.72 एकड़ जमीन का जमीन अधिग्रहण होगा. इसके लिए जिला भू-अर्जन कार्यालय की ओर से सभी रैयतों को धारा-11 के तहत जारी नोटिस कर दिया गया है.

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चेड़ी व मनातू की संबंधित जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक

जिला भू-अर्जन कार्यालय की ओर से अधिसूचना जारी करने के साथ ही उक्त मौजा की संबंधित जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गयी है. साथ ही यह भी कहा है कि इस अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से भूमि पर किसी भी तरह का कार्य नहीं किया जायेगा. अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से साठ (60 दिनों) के अंदर भू-अर्जन से संबंधित किसी प्रकार की आपत्ति हो तो संबंधित रैयत जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के समक्ष दर्ज करा सकते हैं.

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क्या कहा गया है नोटिस में

नोटिस में कहा गया है कि झारखंड केंद्रीय विश्विद्यालय परियोजना के लिए चेड़ी मौजा की 1.85 एकड़ जमीन और मनातू मौजा की 13.97 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जायेगा. भू-अर्जन कार्यालय रैयतों के नाम व कितनी जमीन है उसकी जानकारी ले रहा है. सेंट्रल यूनिवर्सिटी के लिए चेड़ी मौजा के 7 रैयतों की जमीनें ली जा रही हैं. वहीं, मनातू मौजा के 11 रैयतों की जमीन इस परियोजना के लिए ली जायेगी.

भूमि अधिग्रहण को लेकर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने भेजी थी अधियाचना

भूमि अधिग्रहण को लेकर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के विशेष सचिव की ओर से भू-अर्जन कार्यालय को अधियाचना भेजी गयी थी. जिसके तहत कांके अंचल के मनातू और चेड़ी मौजा में उक्त परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गयी थी.

12 साल से फंसा है मामला

जानकारी के अनुसार सेंट्रल यूनिवर्सिटी में एप्रोच रोड का मामला पिछले 12 साल से फंसा हुआ है. एप्रोच रोड के लिए मात्र 15.82 एकड़ जमीन का ही अधिग्रहण किया जाना है.

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वर्ष 2009 में की गयी थी स्थापना

एक मार्च 2009 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल की अनुमति के बाद केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड की स्थापना की गयी थी. वर्तमान में केंद्रीय विवि राजधानी रांची के ब्रांबे में संचालित किया जा रहा है.

 

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