
Dhanbad: सिंदरी HURL HR हेड विक्रांत कुमार के आवास पर कल रात्रि गोली चलने की घटना को लेकर सिंदरी भाजपा नगर अध्यक्ष धनबाद के सांसद पशुपति नाथ सिंह से उनके आवास पर मिलकर इस घटना की जानकारी दी. सांसद ने नगर अध्यक्ष अरबिंद पाठक से कहा कि मैं इसे अपने स्तर से देखता हूं. सांसद ने गिरती कानून व्यवस्था को लेकर झारखंड सरकार को कटघरे में खड़ा किया. कहा कि पूरे झारखंड में जबसे हेमंत सरकार आई है अपराधियों का मनोबल बढ़ गया है. और औद्योगिक माहौल को अशांत किया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन उचित करवाई नहीं करती है और अपराधियों की धरपकड़ नहीं करती है तो सिंदरी नगर भाजपा आंदोलन करें मैं उसमें सम्मिलित रहूंगा.
इसे भी पढ़ें: भाजपा महासचिवों की दिल्ली में अहम बैठक, नौ राज्यों के विधानसभा चुनाव पर नजर
बताते चलें कि कोयलांचल में किसी को धमकाने के लिए फायरिंग करना अपराधियों के लिए बाएं हाथ का खेल हो गया है. सिंदरी अनुमंडल क्षेत्र में 24 घंटे के भीतर फायरिंग की दूसरी घटना सामने आई है. पहली घटना में घायल को गंभीर हालत में दुर्गापुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि दूसरी घटना सोमवार की देर शाम की है. मालूम हो कि हिंदुस्तान उर्वरक और रसायन लिमिटेड, हर्ल के एचआर हेड विक्रांत कुमार के आवास पर बाइक सवार दो अपराधियों ने लगभग चार राउड गोलियां चलाकर सनसनी फैला दी. सूचना पर घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने मौके से तीन खोखे और एक कारतूस बरामद किया है. उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में नौकरी सहित अन्य मुद्दों को लेकर हर्ल प्रबंधन कुछ लोगों के निशाने पर है. हर्ल अधिकारी के आवास पर फायरिंग की यह पहली घटना है.
खुशी में लगा ग्रहण, रंगदार की नज़र सिंदरी पर पड़ी
सिंदरी में उत्पादन शुरू होने के साथ ही लोगों की गिद्ध दृष्टि इस कारखाने पर पड़ गई है. कभी नौकरी के नाम पर तो कभी मुआवजे के नाम पर तो कभी ट्रांसपोर्टिंग का काम लेने के लिए आंदोलन किए जा रहे हैं. नतीजा है कि कंपनी फुल स्पीड में उत्पादन शुरू नहीं कर पा रही है. इधर, सिंदरी खाद कारखाने में रविवार 10 से पुनः नीम कोटेड यूरिया का उत्पादन शुरू हुआ. इससे पूर्व पिछले वर्ष 7 नवंबर को यूरिया और अमोनिया का उत्पादन शुरू हुआ था. मात्र 3 दिन ही प्रोडक्शन हुआ. प्रबंधन की माने तो राजनीतिक दलों के धरना, प्रदर्शन और चक्काजाम आंदोलन के कारण उत्पादन रोक दिया गया था. लेकिन अमोनिया का का उत्पादन जारी था. वहीं नीम कोटेड यूरिया का उत्पादन रविवार रात 10 बजे से फिर से शुरू किया गया है. सोमवार की शाम तक 700 मेट्रिक टन यूरिया का उत्पादन कर लिया गया था. देखना है आगे धनबाद के रंगदार कारखाने को चलने देते हैं या राजनीतिक रंगदारी फिर से शुरू करते हैं. अब तो अपराधी भी फायरिंग करने लगे हैं. ऐसी स्थिति में कारखाने का भविष्य क्या होगा, यह सोचने वाली बात होगी.
सिंदरी से उत्पादन शुरू हुआ था तो लोगों में काफी खुशी हुई थी. भरोसा जगा था कि धनबाद की सिंदरी एक बार फिर सुंदरी बन जाएगी, लेकिन जिस तरह से यह सब काम किया जा रहा है. उससे लगता नहीं कि कारखाना अपनी पूरी क्षमता के साथ उत्पादन कर पाएगा. और अगर कारखाना उत्पादन नहीं कर पाया तो यह धनबाद के लिए काला दिन होगा. यहां के प्रशासनिक अधिकारी सहितजनप्रतिनिधि भी सवालों के घेरे में आएंगे.




