
Vineet Upadhyay
Ranchi : कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच झारखंड की न्यायपालिका न्यायिक कार्यों के साथ इस संक्रमण काल में झारखंड के सबसे निचले तबके के लोगों के लिए झालसा और डालसा के जरिए कार्य कर रही है. समाज के अंतिम तबके के लोगों की मदद के लिए झारखंड की न्यायपालिका तत्पर दिख रही है. झालसा और डालसा मिल कर कोरोना के संक्रमण काल में दूसरे प्रदेशों से आये मजदूरों, आर्थिक रूप से कमजोर लोगों और जेल में बंद सजायाफ्ता एवं विचाराधीन कैदियों की मदद कर रहे हैं. यह मदद झारखंड के चीफ जस्टिस डॉक्टर रवि रंजन द्वारा शुरू की गयी स्कीम श्रम देव, मानवता और कर्तव्य के तहत की जा रही है.
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मजदूरों का कराया जा रहा पंजीयन
श्रम देव स्कीम के तहत अब तक ढाई हजार प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण करा कर डालसा उन्हें राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं से जोड़ रहा है. इन मजदूरों को जॉब कार्ड मुहैया करा कर रोजगार से जोड़ा जा रहा है.
मानवता स्कीम के तहत डालसा ने लॉकडाउन के दौरान आर्थिक परेशानी से जूझ रहे 100 व्यक्तियों को शारीरिक एवं मानसिक इलाज की सुविधा मुहैया करायी है.
कर्तव्य स्कीम के तहत जेल में बंद 50 विचाराधीन एवं सजायाफ्ता कैदियों के परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया है, वहीं 500 बंदियों को लीगल एड दिया जा चुका है और यह प्रक्रिया जारी है.
रांची जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अभिषेक कुमार के मुताबिक इन तीनों योजनाओं की मॉनिटरिंग झारखंड हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन एवं झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष जस्टिस एचसी मिश्र कर रहे हैं.
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