
Ranchi: कुख्यात अमन साव इन दिनों झारखंड पुलिस के लिये परेशानी का सबब बना हुआ है. बेशक, पुलिस ने अमन साव को सलाखों के पीछे डालने में सफलता पाई है, लेकिन उसके अपराध को नहीं रोक सकी है. वह सलाखों के पीछे से गैंग को संचालित कर रहा है. राज्य के कोयला कारोबारी, बिल्डर, व्यवसायी से लेवी मांगने का काम किया जा रहा है जो नहीं दे रहे हैं उनकी हत्या की जा रही है.
हजारीबाग के बड़कागांव थाना से 27 सितंबर 2019 को फरार हुए गैंगस्टर अमन साव को पुलिस ने बिहार के कटिहार से गिरफ्तार किया था. उस समय झारखंड पुलिस ने राहत की सास ली थी. लेकिन जेल जाने के बाद भी अमन का गैंग सक्रिय रहा और झारखंड में प्रतिदिन अमन साव के गैंग का उत्पात जारी है.
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चतरा के कोयलांचल टंडवा थाना क्षेत्र में रविवार को हथियारबंद अपराधियों ने दिनदहाड़े फायरिंग कर तांडव मचाया है. ट्रांसपोर्टिंग कंपनी आरकेटीसी के अस्थायी कैंप में कर्मियों को ले जा रही फार्च्यूनर गाड़ी पर फायरिंग कर दहशत फैला दिया है. फायरिंग की घटना में कंपनी के तीन कर्मियों को गोली लगी .कोयलांचल में कोल ट्रांसपोर्टिंग कंपनी आरकेटीसी के कर्मियों पर दिनदहाड़े फायरिंग मामला में जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू गैंग के अपराधी मयंक सिंह ने प्रेस रिलीज जारी कर फायरिंग की घटना की जिम्मेवारी ली और कहा है कि गैंग को मैनेज किये बगैर ट्रांसपोर्टिंग कंपनी आरकेटीसी द्वारा शुरू किये गए कोल ट्रांसपोर्टिंग काम के प्रतिशोध में गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया गया है. चेतावनी के बावजूद गैंग को कंपनी द्वारा दरकिनार किया गया था. जिसके कारण पूर्व प्रबंधक समेत तीन कर्मियों को गोली मारी गई है. अपराधी अमन ने चेतावनी दी है कि बगैर गैंग की सहमति के काम शुरू करने पर ट्रांसपोर्टरों और कारोबारियों के चिथड़े उड़ा देंगे. उसने रांची, रामगढ़, हजारीबाग, लातेहार और चतरा के कोयला व्यपारियों और ट्रांसपोर्टरों को भी लेवी नहीं देने पर गंभीर परिणाम की चेतावनी दी है.
खालिस्तानी संगठनों को हथियार सप्लाई करने वाला अंतरराज्यीय गिरोह झारखंड में अमन साहू गिरोह को हथियार सप्लाई कर रहा था. इसका खुलासा 26 अगस्त को तब हुआ जब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हथियार सप्लाई करने वाले गिरोह के दो सदस्यों राजेंद्र सिंह बरनाला (22) और बबलू सिंह (30) को गिरफ्तार किया. ये मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं. दोनों ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के समक्ष कबूल किया है कि वे झारखंड के अमन साहू और सुक्खा गिरोह को भी हथियार सप्लाई कर रहे थे. अमन साहू गिरोह झारखंड के कई जिलों रांची, लातेहार और कोयलांचल क्षेत्र की पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ है.
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इन दोनों के पास से 18 पिस्टल और 60 कारतूस जब्त किए है. इन दोनों ने स्पेशल सेल को बताया कि हथियार सप्लाई के लिए ये सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते थे. सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बना कर हथियार का वीडियो और फोटो अपलोड करते थे और अपराधी गिरोह से संपर्क करते थे. अपराधियों तक हथियार सप्लाई के लिए वर्चुअल नंबर का इस्तेमाल होता था, ताकि पुलिस उन्हें पकड़ नहीं पाए.
गिरफ्तार हथियार सप्लायरों ने बताया कि मध्य प्रदेश में अत्याधुनिक पिस्टल तैयार हो रहा है. जिसे देखने पर असली और नकली में अंतर करना मुश्किल हो जाता है. मात्र 25 हजार रुपए में ही ये हथियार अपराधी गिरोह को बेचा जा रहा है. जो काफी सस्ता है. इसलिए झारखंड के अपराधी गिरोह के अलावा दिल्ली, पंजाब व राजस्थान में भी इसकी मांग काफी है. सोशल मीडिया की वजह से अपराधी गिरोह से संपर्क करने व हथियार बेचने में भी ज्यादा परेशानी नहीं आती. दोनों ने स्पेशल सेल को बताया है कि विगत एक साल से ये हथियार की सप्लाई कर रहे थे.




