
Ranchi : राज्य में बढ़ रही साइबर अपराध की घटनाओं पर हाइकोर्ट ने चिंता जतायी है. हाइकोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले पर सरकार से पूछा है कि पिछले एक दशक में साइबर अपराधियों की संपत्ति अटैच करने के मामले में क्या किया गया है.
इस मामले में छह सप्ताह के अंदर राज्य सरकार को जवाब देने को कहा गया है. सरकार की ओर से शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कहा गया है कि साइबर अपराध की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार गंभीर है.
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साइबर अपराध पर अंकुश लगे इसके लिए पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. सरकार के इस जवाब से असंतुष्ट हाइकोर्ट ने कहा कि बतायें साइबर अपराधियों की संपत्ति अटैच करने के लिए क्या कदम उठाये हैं.
अधिवक्ता राजीव राजीव कुमार ने बताया कि मामले में फाइनांस सेक्रेटरी, ईडी और डायरेक्टर इंवेस्टिगेशन इन्कम टैकेस डिपार्टमेंट को पार्टी बनाया गया है.
उन्होंने बताया कि जिस तरह बिहार में सरकार के पास अपराधियों की संपत्ति अटैच करने का अधिकार है, उस तरह का प्रावधान झारखंड में नहीं है. हाइकोर्ट ने यह भी कहा कि एक दशक में जितने भी साइबर अपराधियों ने जो संपत्ति बनायी है उसे अटैच किया जाये.
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