
Ranchi : झारखंड कांग्रेस के अंदर विधायकों की नाराजगी की चर्चा को दरकिनार करते हुए शुक्रवार को पार्टी कार्यकर्ताओं ने एकजुटता का परिचय दिया. जगह थी, राजधानी का ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान. दरअसल मोदी सरकार के लाये तीनों कृषि कानून के विरोध में प्रदेश कांग्रेस द्वारा मोरहाबादी मैदान में धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया.
किसान अधिकार दिवस के नाम हुए इस धरना-प्रदर्शन में पार्टी के 17 विधायक, एक सांसद गीता कोड़ा, प्रभारी आरपीएन सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा सहित कई कांग्रेसी उपस्थित रहे. इस दौरान किसानों के हित में पार्टी के हजारों कार्यकर्ताओं ने कृषि कानूनों को वापस लेने की हुंकार भरी. वहीं इन्हें काला कानून बताकर मोदी सरकार को कॉरपोरेट जगत का हितैषी तक बताया.
इसे भी पढ़ें- नौवीं बार भी किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच वार्ता में नहीं निकल पाया कोई नतीजा
कार्यक्रम में चारों कैबिनेट मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव, आलमगीर आलम, बादल पत्रलेख, बन्ना गुप्ता, सभी विधायक (बेरमो विधायक अनूप सिंह जो निजी कारणों से राज्य से बाहर है, को छोड़कर), पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष कुमार गौरव, महिला कांग्रेस अध्यक्ष गुंजन सिंह सहित कांग्रेस पार्टी से जुड़ी सभी विंग के हजारों कार्यकर्ता उपस्थित थे.

इस दौरान हजारों कार्यकर्ता किसानों के हित में लकड़ी का हल लेकर धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे थे. बता दें कि तीनों कृषि कानूनों के विरोध में पिछले 50 दिनों से दिल्ली-सिंधु बॉर्डर में लाखों किसान आंदोलनरत है. इस दौरान कई किसानों की मृत्यु भी हो गयी है.
प्रदेश कांग्रेस के इस कार्यक्रम में मारे गये किसानों की याद में 2 मिनट का मौन रखा. प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह ने मोदी सरकार को उखाड़ फेंकने के संकल्प का आह्वान भी किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के ऋण माफी कर राहत देती है, वहीं भाजपा किसानों को खत्म करने पर तुली है.
प्रदेश अध्यक्ष सह वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि जब कांग्रेस पार्टी सत्ता में थी, तब किसानों के हित में बेहतर काम हुआ. 1960 के दशक में लाये गये हरित क्रांति, एमएसपी की अवधारणा कांग्रेस की ही देन है. लेकिन वर्तमान सरकार के समक्ष किसानों के हित में कोई विजन नहीं है. भाजपा किसानों को खत्म करने पर अमादा है.
ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि यह तय है कि कल हमारे किसान अपने ही जमीन के मालिक नहीं रहेंगे. एमएसपी का मूल्य मिलेगा या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं.
कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने मोदी सरकार के लाए तीनों कृषि कानूनों को किसानों का डेथ वारंट करार दिया. बादल ने कहा कि किसानों के हित में कांग्रेस पार्टी का यह देशव्यापी आंदोलन दरअसल बादशाह को जगाने के लिए हैं.
झारखंड की जनता ने देश के 12 भाजपा सांसदों को कुतुबमिनार देखने के लिए दिल्ली नहीं भेजा है. उन्हें किसान विरोधी इन कानूनों को वापस लेने की बात अपने बादशाह से करनी चाहिए.
इसे भी पढ़ें- ओरमांझी मामले में डीजीपी बोले- सोशल मीडिया में ‘जस्टिस फॉर निर्भया’ कैंपेन चलानेवालों को नोटिस भेजेंगे
स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि देश का किसान आज त्राहिमाम कर रहे हैं. कांग्रेस पूरी तरह से किसानों के साथ है. 56 इंच की बात करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद को गरीबों का बेटा कहते हैं. लेकिन आज उनके राज में देश के पालनहार किसान बदहाल है.
बंधु तिर्की ने कहा कि कृषि कानून लाकर मोदी सरकार पीडीएस सिस्टम से लेकर सभी व्यवस्था को ध्वस्त करने पर तुली है. उद्देश्य यही है कि पूंजीपतियों को खुश किया जाए. उन्होंने कहा कि सोनिया-राहुल गांधी के नेतृत्व में किसानों के हित में शुरू हुई यह लड़ाई मिलकर लड़नी होगी.
प्रदीप यादव ने कहा, राहुल गांधी के नेतृत्व में किसानों के अधिकारों के हित में आंदोलन चलाया जा रहा है.
राजेश कच्छप ने कहा कि यह कानून किसानों का कब्र खोदने वाला है आज कॉरपोरेट जगत को लाभ पहुंचाने के लिए मोदी सरकार काम कर रही है.
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 के संसदीय चुनाव के पहले नारा दिया था, ‘बहुत सह ली मंहगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार”. लेकिन सत्ता में आने के बाद कॉपोरेट जगत को खुश किया जा रहा है.
भूषण बाड़ा ने कहा कि मोदी सरकार देश के किसानों खत्म करने पर तुली है. तीनों कृषि कानूनों को लेकर केंद्र उस महाजनी प्रथा को दोबारा ला रही है, जिसे कांग्रेस पार्टी ने खत्म किया था.
इरफान अंसारी ने कहा, किसानों को छेड़कर मोदी सरकार फंस चुकी है. भाजपा का सत्ता से जाना तय है.
विक्सल कोगाड़ी ने कहा, मोदी सरकार में कॉपोरेट जगत को बढ़ावा मिलने से देश में कालाबाजारी बढ़ेगा. निजी कंपनियों के हित में देश का खजाना खाली कर फिर से भारतीयों को गुलाम बनाने की तैयारी केंद्र ने कर ली है.
इसे भी पढ़ें- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जाते-जाते ड्रैगन को दिया जोर का झटका




