
Ranchi: साठगांठ कर सत्ता में बनी रहने वाली पार्टी आजसू भले ही सरकार की नीतियों के खिलाफ खुल कर न बोल पाती हो. लेकिन दबे पांव सरकारी योजनाओं का पार्टी भरपूर फायदा उठा रही है. राहे प्रखंड में आजसू की महिला कार्यकर्ताएं कुछ ऐसा ही कर रही हैं. कृषि आशीर्वाद योजना के तहत मुख्यमंत्री रघुवर दास ने दिसंबर 2018 में राज्य के किसानों को हर साल 5000 देने का वायदा किया. जिसका क्रियान्वयन जिले उपायुक्तों के माध्यम से होना है. लेकिन राहे में आजसू महिला कार्यकर्ताएं यह कार्य कर रही हैं. आजसू की महिला कार्यकर्ताएं हीं इसके लिए आवेदन ए, बी और सी बांट रही हैं. किसानों से आवेदन भी जमा ले रही हैं. कई किसान नेताओं ने जानकारी दी कि प्रखंड में एक भी फार्म का सत्यापन नहीं हो पाया है. जबकि नियमतः यह सरकारी कार्य है.
5000 किसानों के आवेदन रद्द
अखिल भारतीय किसान संघ के सुरजीत सिन्हा ने जानकारी दी कि प्रखंड में अब तक पांच हजार किसानों ने ए, बी और सी आवेदन भरा. लेकिन सभी किसानों का आवेदन रिजेक्ट कर दिया गया. कारण जमीन की सही जानकारी नहीं होना बताया गया. अचंल कार्यालय में किसानों की जमीन से संबधित कोई डिजिटल जानकारी उपलब्ध नहीं है. वहीं किसान नेता राजेंद्र सिंह मुंडा ने कहा कि जो आवेदन किसानों को दिये जा रहे हैं, पांच हजार के लिए उसमें कहीं भी जमीन से संबधित जानकारी नहीं मांगी गयी है.
2250 करोड़ की है यह योजना
मुख्यमंत्री ने साल 2019 -20 के लिए किसानों को 5000 देने के लिए 2250 करेाड़ की राशि का प्रावधान किया है. जिससे राज्य के लगभग 22 लाख 76 हजार छोटे किसान लाभान्वित होंगे. ऐसे में किसान नेताओं का कहना है कि अगर सत्ताधारी पार्टियों के जरिये ऐसे कार्य हुए तो किसानों को कभी लाभ नहीं मिल पायेगा.
आजसू का पक्ष
इस मामले में आजसू प्रदेश प्रवक्ता देवशरण भगत ने कहा कि सरकारी योजनाओं को आम जनता के घर-घर तक पहुंचाना हर नागरिक का कर्तव्य है. ऐसे में अगर पार्टी की महिलाएं ऐसा कर रही हैं तो सही है. कुछ लोगों को लगता होगा कि इससे पार्टी का प्रचार हो रहा है, तब ही डरते होंगे. लेकिन महिलाएं ऐसा कर रही तो कोई गलत नहीं है. इसमें अगर गड़बड़ी हो तो इसकी मॉनिटरिंग की जानी चाहिये.
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