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देश का प्रसिद्ध मिहिजाम होमियोपैथी कॉलेज सरकारी उपेक्षा के कारण बंदी के कगार पर

  • मिहिजाम होमियोपैथी कॉलेज के प्रोडक्ट देश-विदेश में दे रहा सेवा, मगर आज खुद पड़ गया बीमार

Anwar Hussain

Jamtara: किसी समय मिहिजाम होमियोपैथी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल पूरे देश में प्रसिद्ध था. देश-विदेश के लड़के लड़कियां मिहिजाम में होमियोपैथी की पढ़ाई के लिए आते थे. कॉलेज की एक अलग पहचान थी क्योंकि महर्षि परेशनाथ बनर्जी मिहिजाम के ही रहनेवाले थे जिन्होंने सांप काटने की लेक्सिन नामक दवा का अविष्कार किया था.

उन्हीं के प्रेरणा से इस होमियोपैथी कॉलेज व अस्पताल की स्थापना की गयी थी. लेकिन आज मिहिजाम होमियोपैथी कॉलेज बंदी के कगार तक पहुंच चुका है. फंड के अभाव में कॉलेज के भवन जर्जर हो चुके हैं. लाइब्रेरी, शौचालय, एनाटोमी क्लास रूम सभी जर्जर हो चुके हैं. शिक्षकों को अल्प मानदेय मिलने से पढ़ाई पर भी असर देखा जा रहा है.

वर्ष 1974 में मिहिजाम होमियोपैथी कॉलेज व अस्पताल की हुई थी स्थापना

बता दें कि मिहिजाम होम्योपैथी कॉलेज एंड हॉस्पिटल की स्थापना  1974  में शहर के कोड़ापाड़ा मोहल्ले में की गयी थी. स्थापना काल में यहां विदेशों से भी छात्र-छात्राएं होम्योपैथी चिकित्सा की पढ़ाई करने आते थे.

मिहिजाम होम्योपैथी कॉलेज एंड हॉस्पिटल में वह सारी सुविधाएं मौजूद हैं, जो एक कॉलेज में होनी चाहिए. बावजूद यहां दो साल से छात्र छात्राओं के नामांकन का आदेश नहीं मिल रहा है. आयुष मंत्रालय कुछ न कुछ कमी दिखाकर नामांकन की अनुमति नही दे रहा है. इस कारण मिहिजाम होम्योपैथिक कॉलेज एंड हॉस्पिटल आज खुद बीमार पड़ गया है.

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फंड के अभाव में कॉलेज का इंफ्रास्ट्रक्चर प्रभावित

बता दें कि फंड के अभाव में कॉलेज का इन्सफ्रास्ट्रक्टर प्रभावित है. कॉलेज के जर्जर भवन एवं छोटी-मोटी कमियों को दूर करने की आवश्यकता है. लेकिन राज्य में कई सरकारें आयी गयीं, मगर कॉलेज का बेड़ा पार नही हुआ.

होम्योपैथी कॉलेज एंड हॉस्पिटल को अगर सरकार अधिग्रहण कर ले तो पुनः कॉलेज की रौनक लौट सकती है.

इस कॉलेज से निकले छात्र देश-विदेश में दे रहे सेवा

बता दें कि मिहिजाम होमियोपैथी कॉलेज से सैकड़ों छात्र चिकित्सक बन कर देश-विदेश में अपनी सेवा दे रहे हैं. इसलिए इस कॉलेज को देश के कोने-कोने के लोग भी जानते हैं.

मिहिजाम के राजबाड़ी स्थित क्षेत्र में कॉलेज व अस्पताल है जहां प्रतिदिन सैकड़ों गरीबों का निःशुल्क इलाज किया जाता है. यहां के चिकित्सकों द्वारा बेहतर इलाज से कई गंभीर बीमारियों के मरीज ठीक हुए हैं.

अस्पताल में पैथोलॉजी की सारी सुविधाएं मौजूद हैं. एनाटॉमी विभाग में छात्र छात्राओं को मानव शरीर के विभिन्न अंगों का प्रैक्टिकल प्रशिक्षण की सारी व्यवस्था मौजूद है. मानव के विभिन्न अंग एवं अस्थियां एनाटॉमी विभाग में रखी गयी हैं. मेडिकल की छात्र-छात्राएं यहां प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं.

राज्य के कई मंत्री व विधायक पहुंच चुके है मिहिजाम होमियोपैथी कॉलेज

मिहिजाम होम्योपैथी कॉलेज एंड हॉस्पिटल में कई बड़े नेता, मंत्री व विधायक पहुंच चुके हैं. इनमें झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी सहित कई मंत्री सांसद व विधायक शामिल हैं. बावजूद इसके सरकारीकरण की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सका है।

क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ने सरकारीकरण की मांग हेमंत सरकार से की

मिहिजाम के बुद्धिजीवियों ने झारखंड सरकार से मांग किया है कि इस कॉलेज को बचाने के लिए इसका सरकारीकरण किया जाना आवश्यक है. कॉलेज के सरकारीकरण नहीं होने से यहां के शिक्षक एवं कर्मचारी मामूली मानदेय पर अपनी सेवा देते आ रहे हैं, जो अब संभव नही है.

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वर्तमान में जमशेदपुर के 40 छात्र छात्राएं कर रहे है इंटर्नशिप

वर्तमान में जमशेदपुर के 40 स्टूडेंट मिहिजाम होम्योपैथी कॉलेज एंड हॉस्पिटल में  इंटर्नशिप कर रहे हैं. आयुष मंत्रालय से नामांकन की अनुमति नहीं होने से पिछले दो साल से नामांकन नही लिया जा रहा है. सिर्फ 40 स्टूडेंट फाइनल ईयर के इंटर्नशिप कर रहे हैं. इस बार आयुष मंत्रालय से छात्र-छात्राओं के नामांकन की अनुमति मिलने पर सरकार से अनुदान मिलने की उम्मीद है.

क्या कहते हैं सचिव

शासी निकाय के सचिव डॉ तापस सरकार ने कहा कि आयुष मंत्रालय द्वारा दी गयी गाइडलाइन के अनुसार मिहिजाम होम्योपैथिक कॉलेज एंड हॉस्पिटल का विकास किया गया है. आने-वाले सत्र में कॉलेज को नामांकन की अनुमति मिलने की उम्मीद है. ओपीडी में गरीबों का नि:शुल्क इलाज होता है.ॉ

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5 Comments

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