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20 साल पुराने भाजपा सरकार में रक्षा सौदे में भ्रष्टाचार केस में समता पार्टी की पूर्व अध्यक्ष जया जेटली को 4 साल की कैद

जया जेटली के साथ दो अन्य को भी चार साल की सजा और एक-एक लाख का जुर्माना

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New Delhi: दिल्ली की राउज एवेनयू कोर्ट ने 20 साल पुराने कथित रक्षा सौदे में भ्रष्टाचार के मामले में अपना फैसला सुनाया है. कोर्ट ने 2000-01 के रक्षा सौदे में भ्रष्टाचार केस में समता पार्टी की पूर्व अध्यक्ष जया जेटली और दो अन्य लोगों को चार साल कैद की सजा सुनाई है. विशेष सीबीआइ न्यायाधीश वीरेंद्र भट्ट ने जया जेटली के पूर्व पार्टी सहयोगी गोपाल पचेरवाल, रिटायर्ड मेजर जनरल एसपी. मुरगई को भी चार साल कैद की सजा सुनाई.

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चार साल की सजा

अदालत की कार्रवाई बंद कमरे में हुई. तीनों दोषियों को चार साल की सजा सुनायी गयी है. साथ ही एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया.

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उन्हें गुरुवार शाम पांच बजे तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया है. तीनों को हाथ से चलाए जाने वाले ‘थर्मल इमेजर्स’ की कथित खरीद के मामले भ्रष्टाचार तथा आपराधिक साजिश रचने का दोषी पाया गया था. इससे पहले 25 जुलाई को राउज एवेन्यू कोर्ट ने जया जेटली और अन्य दोनों आरोपियों को भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश में दोषी ठहराया था.

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20 साल पुराना रक्षा सौदा

बता दें कि समाचार पोर्टल ‘तहलका’ द्वारा किए स्टिंग ‘ऑपरेशन वेस्टएंड’ के बाद इस मामले ने तूल पकड़ा था. इस स्टिंग में काल्पनिक कंपनी बनाकर सेना के लिए हाथ से संचालित होने वाले थर्मल इमेजर्स की आपूर्ति ऑर्डर के लिए दोषियों को रिश्वत लेते दिखाया गया था.

समता पार्टी की पूर्व अध्यक्ष जया जेटली ने तत्कालीन डिफेंस मिनिस्टर जॉर्ज फर्नांडीस के आधिकारिक आवास पर काल्पनिक कंपनी का प्रतिनिधि बनकर आये मैथ्यू सैम्युअल से दो लाख की रिश्वत ली थी, जबकि मुरगई ने 20 हजार रुपये लिये थे. बता दें कि उस वक्त केंद्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए की सरकार थी. अटल बिहारी वाजपेयी देश के पीएम थे और जॉर्ज फर्नांडीस रक्षा मंत्री थे.

इस कथित रक्षा सौदे में घोटाले का खुलासा होने के बाद जॉर्ज फर्नांडीस को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था. इस घोटाले में तब के बीजेपी अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण का नाम भी सामने आय़ा था, हालांकि बाद में उन्हें क्लीन चिट दे दी गयी थी.

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