
Ranchi: झारखंड प्रदेश विद्यालय रसोईया, संयोजिका और अध्यक्ष संघ ने राज्य सरकार से फरियाद लगायी है. शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो को पत्र लिखकर उनके वादे की याद दिलायी है. संघ के प्रदेश अध्यक्ष और अन्य ने पत्र के जरिये कहा है कि उन सबों के मामले में पूर्व में राज्य सरकार ने 5 सूत्री मांगों पर सहमति जताते इसे पूरा किये जाने का वादा किया था. 7 महीने बीत गये हैं. अब तक कोई सूचना नहीं है. पारा टीचर की तरह स्थायी सेवा शर्त नियमावली बनाकर स्थायी किये जाने की बात पूर्व में हुई थी. साथ ही आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका की तर्ज पर मानदेय बढ़ाए जाने, 5 लाख का बीमा दिए जाने, साल में दो बार साड़ी और रिटायरमेंट पर पेंशन दिए जाने का वादा किया गया था. इसके अलावे एक्सिडेंट केस में इलाज कराने तथा स्कूलों में रसोईया और संयोजिका को भोजन के लिए चावल आवंटित किए जाने पर भी सरकार और संघ के बीच सहमति बनी थी. इन मांगों के लिए आंदोलन भी हुआ था और सरकार की ओर से विधायक सुदीव्य सोनू ने भरोसा दिलाया था कि उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल होगी. दो माह के अंदर ही वांछित बिंदुओं पर नियमावली बना दिए जाने की बात भी हुई थी. पर अब तक कोई नतीजा नहीं निकला है. उल्टे पिछले कई दिनों में रसोईया संयोजिकाओं को 60 साल की उम्र सीमा के नाम पर हटा दिया गया है. उन्हें फिर से काम पर लिया जाना चाहिये. राज्य सरकार इसी वित्तीय वर्ष में पूर्व में किए गये वादों को पूरा करे.
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