
Ranchi: झारखंड सरकार ने राजधानी रांची की पांच सड़कों के रख-रखाव का काम करने से नगर विकास विभाग ने इनकार कर दिया है. राजधानी की ये पांच सड़कें जीवनरेखा समान हैं, जिसे नगर विकास विभाग ने अपने मत्थे ले लिया था. इनमें वे सड़कें भी शामिल हैं जिसका शिलान्यास राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मिलकर किया था.
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राष्ट्रपति व मुख्यमंत्री ने किया था स्मार्ट सड़कों का शिलान्यास
राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने अपने झारखंड दौरे के क्रम में पिछले वर्ष दो स्मार्ट रोड का शिलान्यास किया था. उन्होंने एयरपोर्ट से लेकर बिरसा चौक तक की दो किलोमीटर तक की सड़क और बिरसा चौक से राजभवन (आठ किलोमीटर) तक की सड़क का शिलान्यास किया था. इतना ही नहीं मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी शेष बचे तीन सड़कों को स्मार्ट बनाने के लिए जनवरी 2018 में शिलापट्ट का उद्घाटन किया था. इनमें राजभवन से कांटाटोली तक की 2.88 किलोमीटर तक की सड़क, राजभवन से बूटी मोड़ तक की आठ किलोमीटर तक की सड़क और राजभवन से लेकर हिनू चौक तक की 4.8 किलोमीटर तक की सड़क शामिल है. इनका शिलान्यास भारी ताम-झाम के साथ किया गया था. अब तक स्मार्ट सड़क को लेकर पुनर्निमाण की कोई नयी चीजें सड़क पर नजर नहीं आ रही हैं.
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सरकार ने पांच पथों के लिए मेकॉन लिमिटेड को बनाया था कंसलटेंट
इन सड़कों के जिर्णोद्धार को लेकर मुख्यमंत्री रघुवर दास के आदेश पर मेकॉन लिमिटेड को सलाहकार भी बनाया गया था. राजधानी की एयरपोर्ट से बिरसा चौक, राजभवन से बिरसा चौक (भाया किशोरगंज), राजभवन से कांटाटोली (वाया सरकुलर रोड), राजभवन से बूटी मोड़ (भाया बरियातू) और राजभवन से हिनू चौक (वाया मेन रोड) की इन सड़कों को सिक्स लेन बनाने के लिए सरकार ने भारी एक्सरसाइज की थी. इसके लिए मेकॉन लिमिटेड को सड़क की दशा-दिशा और इसकी खुबसूरती बढ़ाने के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा था. पथ निर्माण विभाग की तरफ से इन पांचों पथों के निर्माण, रख-रखाव के लिए नगर विकास विभाग को अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) भी दिया था. दो वर्ष बाद नगर विकास विभाग ने अपने हाथ खड़े कर लिये हैं. यहां यह बताते चलें कि विभागीय अधिकारियों के पास इन पथों की खराब स्थिति, ट्रैफिक और बेकार यातायात व्यवस्था को लेकर रिपोर्ट भी खराब आयी थी. मेकॉन ने भी बतौर सलाहकार सड़क को अच्छा करने के लिए सरकार के पास कोई ठोस पहल नहीं की.
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नगर विकास विभाग ने कहा ‘मैनपावर की है भारी कमी’
अब विभाग की यह दलील है कि इस सड़क का रख-रखाव उनके बूते नहीं है. विभाग के पास इसके लिए तकनीकी विशेषज्ञता और इंजीनियरिंग सेल में मैनपावर की भारी कमी है. वर्तमान विभागीय सचिव अजय कुमार सिंह के निर्देश के बाद संयुक्त सचिव एके रतन ने पथ निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव को पत्र लिख कर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है. इस संबंध में मार्च 2018 से ही दोनों विभागों के बीच उपर्युक्त पथ के रख-रखाव को लेकर बैठकों का दौर जारी था. झारखंड शहरी विकास अभिकरण निगम लिमिटेड (ज्यूडको) की तरफ से इन सड़कों को स्मार्ट सड़क के रूप में विकसित करने की भारी-भरकम योजना भी बनायी गयी थी. इन पथों को ग्रीन और पीपुल्स फ्रेंडली बनाने का सपना भी देखा गया था. सड़क में बस बे, वाक वे, वाहनों के लिए अलग-अलग ट्रैक, स्वचालित ट्रैफिक लाइट भी लगाने का काम दिया गया था.




