
Ranchi: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ग्रामीण कार्य विभाग के निलंबित मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम की पत्नी एवं वीरेंद्र राम के पिता गेंदा राम की अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में गुरुवार को हुई. मामले में हाई कोर्ट ने प्रार्थी के समय देने के आग्रह को स्वीकार करते हुए मामले के अगली सुनवाई 12 जनवरी निर्धारित की है. मामले में ईडी की ओर से जवाब दाखिल हो चुका है. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता शुभाशीष रसिक सोरेन ने पैरवी की. बता दें कि पूर्व में ईडी के विशेष न्यायाधीश पीके शर्मा की कोर्ट ने गेंदा राम और राजकुमारी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी. इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है.
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बता दें कि 21 अप्रैल को वीरेंद्र राम, उनके भाई आलोक रंजन, वीरेंद्र राम की पत्नी राजकुमारी देवी एवं पिता गेंदा राम के खिलाफ ईडी की अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया था. ईडी की टीम ने वीरेंद्र राम की 39.28 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त की थी. जब्त की गई संपत्ति वीरेंद्र द्वारा टेंडर में कमीशन से उगाही अर्जित की गई है. 22 फरवरी को वीरेंद्र राम के आवास पर छापेमारी के दौरान उसके रांची के अशोक नगर स्थित आवास से ईडी ने गिरफ्तार किया था. वीरेंद्र राम के ठिकानों में छापेमारी के दौरान ईडी को करीब 40 लाख से अधिक के कैश एवं डेढ़ करोड़ के जेवरात मिले थेय ईडी ने उनके करीब एक दर्जन लग्जरी वाहन भी बरामद किया था ईडी की पूछताछ में उसके पास से 125 करोड़ की चल -अचल संपत्ति की जानकारी मिली थी.




