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रूस व अमेरिका में तनाव :  सीरिया में तैनात किये गये अमेरिकी सैनिक व बख्तरबंद वाहन

Washington :  रूसी बलों के साथ हुई कई झड़पों के बाद अमेरिका ने पूर्वी सीरिया में अतिरिक्त सैनिकों और बख्तरबंद वाहनों की तैनाती की है. अमेरिकी नौसेना में कैप्टन और मध्य कमान के प्रवक्ता बिल अर्बन ने बताया कि अमेरिका ने रडार प्रणाली भी भेजी है और अमेरिकी एंव गठबंधन बलों की बेहतर सुरक्षा के लिए इलाके में लड़ाकू विमानों की गश्त बढ़ा दी गई है.

अर्बन ने कहा, ‘‘अमेरिका सीरिया में किसी अन्य देश से विवाद नहीं चाहता. लेकिन जरूरत पड़ी तो गठबंधन बलों की रक्षा करेगा.’’ वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि करीब आधा दर्जन ब्राडले लड़ाकू वाहन और 100 से कुछ कम अतिरिक्त सैनिक पूर्वी सीरिया भेजे गए हैं.

अधिकारी ने पहचान गोपनीय रखते हुए बताया कि इलाके में सैनिकों की तैनाती रूस को साफ संकेत है कि वह अब अमेरिका और उसके मित्र देशों के खिलाफ वहां किसी असुरक्षित एवं उकसावे की कार्रवाई से बचे.

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थाईलैंड में लोकतंत्र की मांग को लेकर होने जा रही एक बड़ी रैली

इधर, खबर है कि लोकतंत्र समर्थक अभियान के तहत अब तक की सर्वाधिक महत्वाकांक्षी रैली के लिए शनिवार को प्रदर्शनकारी बैंकॉक में एकत्रित हो रहे हैं. इस अभियान ने सरकार और थाईलैंड की रूढ़ीवादी सत्ता को हिलाकर रख दिया है.

आयोजकों का अनुमान है कि रैली के लिए 50,000  से अधिक लोग जुट सकते हैं. जो राजनीतिक प्रदर्शनों से ऐतिहासिक रूप से जुड़े राजधानी के इलाके में दो दिन तक चलने वाले मार्च में शामिल होंगे.

इससे पहले, 16 अगस्त को एक बड़ी रैली हुई थी जिसमें अनुमानित 10,000 लोग शामिल हुए थे. इस बार विपक्षी दलों द्वारा रैली का समर्थन करने की उम्मीद है. वे अन्य प्रांतों से भी समर्थकों को जुटा सकते हैं.

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प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओ-चा ने बृहस्पतिवार रात प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया था वे यह कार्यक्रम रद्द कर दें क्योंकि इससे कोरोना वायरस फैलने का खतरा बढ़ेगा और संकट से जूझ रही अर्थव्यवस्था में सुधार के लिहाज से यह नुकसानदेह होगा.

जुलाई में प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगे बताई थीं जिनमें संसद भंग करना, नए चुनाव कराना, नया संविधान बनाना और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को परेशान करना बंद करना शामिल है.

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