Ranchi

राज्य कर्मियों की तरफ से टीडीएस का ब्योरा नहीं दिये जाने से हो रहा है वेतन में विलंब

Ranchi: झारखंड के राज्य कर्मियों के फरवरी माह का वेतन टीडीएस (टैक्स डिडक्शन एट सोर्स) का ब्योरा नहीं दिये जाने की वजह से लंबित है. राज्य में 1.91 लाख से अधिक राज्य कर्मी हैं. फरवरी माह में राज्य कर्मियों को टीडीएस का सालाना ब्योरा देना जरूरी है. इस आधार पर ही वेतन उनके खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर किया जाता है. ऐसी प्रक्रिया पहली तारीख से लेकर 15 तारीख तक चलती है. जानकारी के अनुसार, सरकार की तरफ से सभी विभागों के वेतन मद की राशि का आवंटन सालाना बजट में ही अनुमोदित किया जाता है. इसके बाद विभागों से ही आवंटित राशि कोषागार के माध्यम से कर्मियों के खाते में जाती है.

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योजना और वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने बताया कि सरकार का या वित्त विभाग का वेतन निर्गत करने के मामले में कोई खास सरोकार नहीं है. उन्होंने बताया कि यह सालाना प्रक्रिया है कि प्रत्येक वर्ष मार्च के पहले सभी कर्मियों को अपने आय कर योग्य राशि से संबंधित ब्योरा विभागीय प्रमुख के माध्यम से कोषागार में जमा कराना पड़ता है. वैसे भी मार्च के पहले सप्ताह में दो से लेकर चार तारीख तक सरकारी विभाग बंद थे. वेतन देने की प्रक्रिया पांच से शुरू हुई है. यह 15 तारीख तक जारी रहेगी.

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सभी कोषागारों को निर्देश दिया गया है कि जिनका टीडीएस डिटेल्स प्राप्त हो गया है, उनका वेतन किसी भी हाल में नहीं रोका जाये. उन्होंने कहा कि इसके बाद भी यदि किसी का वेतन रूक रहा है, तो सरकार ऐसे मामलों को देखेगी. उन्होंने कहा कि पांच मार्च को सभी विभागों को यह निर्देश दिया गया है कि आवंटन, स्थापना और अन्य व्यय को लेकर अब पूरा ब्योरा दें. इसमें केंद्र और राज्य सरकार के योजना का नाम, योजना का कोड देना जरूरी किया गया है. यह भी कहा गया है कि स्वीकृत्यादेश और आवंटन आदेश ऑनलाइन निर्गत किया जाये.

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सरकारी ट्रेजरी से बैंकों में फरवरी माह में भेजे गये 76.32 अरब रुपये
राज्य सरकार की तरफ से सरकार के विभिन्न विभागों के द्वारा कोषागार में एक फरवरी से 28 फरवरी तक स्थापना, व्यय और अन्य की राशि जमा करायी गयी. इनमें पी, सी और एस श्रेणी के पैसे से बैंकों में कोषागार की तरफ से 76.32 अरब रुपये ट्रांसफर किये गये. यह सिलसिला अब भी जारी है.

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