
New Delhi: कर्ज में डूबे अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर (आरइंफ्रा) को गुजरात में एक बड़ा ठेका मिला है. रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर को गुजरात के राजकोट में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण का ठेका मिला है. एयरपोर्ट निर्माण का लोकेशन अहमदाबाद और राजकोट को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 8बी के नजदीक है. ये एयरपोर्ट हीरासर में बनाया जाएगा. कंपनी ने एक बयान में इस बात की पुष्टि की है.
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648 करोड़ रुपये की आयेगी लागत
आरइंफ्रा द्वारा जारी बयान में बताया गया है कि अंबानी को मिले इस ठेके का मूल्य 648 करोड़ रुपये है. आरइंफ्रा ने एक नियामक दाखिल करते हुए कहा कि लेटर ऑफ अवार्ड (एलओए) के जारी होने की तिथि के 30 महीने के भीतर एयरपोर्ट को पूर्ण करना है. कॉन्ट्रेक्ट पाने के लिए रिलायंस के अलावा एलएंडटी, एफकॉन, दिलीप बिल्डकॉन और गायत्री प्रोजेक्ट सहित नौ कंपनियों ने आवेदन दिया था.
बताया जा रहा है कि सभी कंपनियों में सबसे कम बोली लगाकर अनिल अंबानी की कंपनी ने ये ठेका हासिल किया है. रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर की ओर से कहा गया है कि उसने सबसे ज्यादा तकनीकी स्कोर (92.2 फीसदी) हासिल किया और उसकी बोली सबसे कम थी.
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एयरपोर्ट का निर्माण अहमदाबाद और राजकोट को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के पास और राजकोट एयरपोर्ट से लगभग 36 किमी दूर किया जाएगा. इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत कंपनी को एयरपोर्ट के डिजाइनिंग, इंजीनियरिंग, रनवे का निर्माण और खरीद, बेसिक स्ट्रीप्स, टर्निग पैड, टैक्सीवेज, एप्रन, परिधि और दूसरी सड़कें, ड्रेनेज सिस्टम, अग्निशमन केंद्र, कूलिंग पीट का काम करना होगा.
राफेल डील को लेकर विवादों में अनिल अंबानी
उल्लेखनीय है कि अनिल अंबानी की कंपनी को ऐसे वक्त में एयरपोर्ट निर्माण का ठेका मिला है, जब उनकी कंपनी रिलायंस डिफेंस राफेल डील को लेकर विवादों में है. विपक्ष और खासतौर से कांग्रेस का आरोप है कि रक्षा क्षेत्र में रिलायंस का कोई अनुभव नहीं है, इसके बावजूद हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को दरकिनार कर रिलायंस डिफेंस को ठेका दिया गया. हालांकि केंद्र सरकार, रिलायंस और फ्रांस की कंपनी दासो ने विपक्ष के सभी आरोपों को गलत बताया है.
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कर्ज में डूबी है कंपनी
गौरतलब है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) ने लगभग 45,000 करोड़ रुपये के कर्ज को चुकाने के लिए अपनी संपत्तियों को बेचने में असफल रहने पर नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की मुंबई बेंच में दिवालिया याचिका दायर करने का फैसला किया है.
इतना ही नहीं, अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस का स्वीडन की मोबाइल कंपनी एरिक्सन से भी विवाद चल रहा है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी को अवमानना का दोषी करार दिया है. कोर्ट ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद स्वीडन की दूरसंचार कंपनी एरिक्सन को 550 करोड़ रुपये नहीं चुकाने का आरोपी पाया है. यही वजह है कि कोर्ट ने अंबानी को 4 सप्ताह में 453 करोड़ रुपये चुकाने का आदेश दिया था. कोर्ट के आदेश के मुताबिक अगर अंबानी ने निश्चित समय में पैसे नहीं चुकाए तो तीन महीने के लिए जेल भी जाना पड़ सकता है.
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