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तारा शाहदेव प्रकरण: आखिर रंजीत सिंह कोहली ने सीएम हेमंत सोरेन को क्यों बनाया अपना गवाह, कोर्ट से जारी हो चुका है समन

Rana Pratap Singh

Ranchi: नेशनल राइफल शूटर तारा शाहदेव प्रकरण में आखिर क्यों सीएम हेमंत सोरेन को रंजीत सिंह कोहली ने अपना गवाह बनाया है? इसे लेकर सभी के मन में कई सवाल उठ रहे हैं. दरअसल, यह पूरा मामला सीएम कार्यालय से भेजे गए इफ्तार पार्टी के इनविटेशन कार्ड से जुड़ा है, जिसे सीबीआई ने कोर्ट में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया है. सीबीआई ने रंजीत सिंह कोहली के ब्लेयर अपार्टमेंट से मुख्यमंत्री कार्यालय से भेजा गया एक रकीबुल खान नाम से इफ्तार पार्टी का एक दावत कार्ड बरामद किया था. जिसे सीबीआई ने कोर्ट में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया है. रंजीत सिंह कोहली की ओर से बचाव में यह कहा जा रहा है जिसके यहां से यह कार्ड आया है, वह हमको ना जानता है और न हीं हमारा नाम रकीबुल खान है. ऐसे में इस इनविटेशन कार्ड की सत्यता सीएम की गवाही से ही संभव है. कोहली की दलील है कि सीबीआई ने उसके घर से बनावटी कार्ड निकाला है. क्योंकि वे जिस मकान में किराए में रहते थे और उस मकान की जिम्मेदारी उसके मकान मालिक को सौंपने के लिए मजिस्ट्रेट के सामने उस घर का इन्वेंटरी तैयार किया गया था. इस सूची में इस इनविटेशन कार्ड का कोई जिक्र नहीं है. तो फिर सीबीआई ने इन्वेंटरी तैयार होने के बाद उसके घर से कैसे इनविटेशन कार्ड प्राप्त कर लिया. मजिस्ट्रेट के सामने घर के एक- एक समान की इन्वेंटरी बनाई गई थी, जिसे कोहली ने भी  साक्ष्य के रूप में कोर्ट में भी प्रस्तुत किया है.

बता दें कि तारा के धर्म परिवर्तन,  यौन उत्पीड़न व दहेज प्रताड़ना से संबंधित मामले में मुख्य आरोपी रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल ने बचाव पक्ष के रूप में 2 गवाहों में से एक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बनाया है. मामले में सीबीआई की ओर से 26 गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है जिसके बाद बचाव पक्ष को अपना साक्ष्य प्रस्तुत करना है.  मामले में रंजीत कोहली समेत तीन आरोपियों का बयान दर्ज हो चुका है.सीबीआई के विशेष न्यायाधीश पीके शर्मा की अदालत में मामले की सुनवाई चल रही है.

कौन-कौन है आरोपी

मामले में मुख्य आरोपी रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल के अलावा हाईकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार(विजिलेंस) बर्खास्त मुश्ताक अहमद एवं कोहली की मां कौशल रानी ट्रायल फेस कर रहा है. आरोपियों के खिलाफ दो जुलाई 2018 को आरोप गठित किया गया था. सीबीआई ने 2015 में केस टेक ओवर किया था.  रंजीत कोहली एवं तारा शाहदेव की शादी 7 जुलाई 2014 को हुई थी. लेकिन शादी के कुछ माह बाद उसे धर्म परिवर्तन करने प्रताड़ित किया गया.

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