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नियमों की अनदेखी कर हुई बीएड काउंसिलिंग, अब फिर से कराने की उठ रही मांग

Ranchi: राज्य के 136 बीएड कॉलेजों में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अधिकतर कॉलेजों में सीटें नहीं भरी हैं. कॉलेजों में कई तरह की समस्याएं आ रही हैं. अब बीएड कॉलेज की सीट भरने को लेकर फिर से काउंसिलिंग की बात कही जा रही है.

गौरतलब है कि पहले राउंड की काउंसिलिंग में नियमों की अनदेखी की गयी. अब फिर से काउंसिलिंग कर सीट भरने की गुजारिश मुख्यमंत्री से लेकर राज्यपाल तक से की गयी है. इस संबंध में विनोबा भावे विश्वविद्यालय के अभिषद सदस्य सांवरमल अग्रवाल ने बीएड में नामांकन फिर से कराने को लेकर पत्र लिखा है.

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मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, राज्यपाल, बीएड काउंसिलिंग चेयरमैन व रांची विश्वविद्यालय के वीसी को लिखे पत्र में जिक्र किया गया है कि बीएड नामांकन की पहली काउंसिलिंग में हुई गड़बड़ियों की वजह से बीएड कॉलेजों की दो हजार से अधिक सीटें खाली रह गयी हैं. मेरिट लिस्ट में आने के बाद भी विद्यार्थियों का नामांकन नहीं हुआ, ऐसे में ऊहापोह की स्थिति विद्यार्थियों में है. नामांकन नहीं होने से बीएड कॉलेजों में वित्तीय संकट पैदा हो जायेगा. ऐसा न हो इसके लिए फिर से काउंसिलिंग की जाये.

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पत्र में कहा गया है कि बीएड काउंसिलिंग में सीट भरने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का पालन किया जाये. इसके अलावा सवर्ण आरक्षण जो 10 फीसदी है उसे लागू किया जाये. पहले राउंड की काउंसिलिंग में ऐसा नहीं किया गया था. जबकि एनसीटीइ ने पत्र लिख कर इसे लागू करने को कहा था. पहले राउंड की काउंसिलिंग में दिव्यांगों को आरक्षण नहीं दिया गया था. पत्र में इस बात का जिक्र किया गया है कि खाली सीटों को भरने के लिए एसटी उम्मीदवार के नहीं रहने पर एससी, एससी के नहीं रहने पर एसटी अगर दोनों ही श्रेणी के उम्मीदवार नहीं हैं तब सीट को ओबीसी उम्मीदवार से भरा जाये. अगर ओबीसी उम्मीदवार भी न मिले तब सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार से खाली सीटों को भरा जाये.

फिर से काउंसिलिंग लेते वक्त संबंधित जिले के बीएड कॉलेज में उसी जिले के उम्मीदवार का नामांकन लिया जाये. इसके साथ ही वेटिंग लिस्ट तैयार की जाये. यदि कॉलेज में चयनित उम्मीदवार नामांकन नहीं लेता है तब वेटिंग लिस्ट के उम्मीदवार का नामांकन ले लिया जाये. इसके अतिरिक्त जब तक सीट न भरे तब तक काउंसलिंग हो. बीएड कॉलेज आरक्षण रोस्टर तैयार कर नामांकन ले.

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