
Palamu: पलामू जिले के सतबरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत बोहिता के भंडार टोला में अज्ञात बीमारी का कहर है. बीमारी के कारण ग्रामीणों की लगातार मौत हो रही है. पिछले 18 दिनों में छह लोगों की मौत हो गयी है.
इससे ग्रामीण जहां दहशत में हैं, वहीं स्वास्थ्य विभाग को बीमारी के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है. स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा जांच के लिए ग्रामीणों के खून के सैंपल लिये गये हैं.
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अन्य सोर्स से बीमारी का पता लगाने की कोशिश की जा रही है. वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मौत का कारण चमकी बुखार होने से इनकार किया है.
अलग-अलग कारणों से हुई हैं मौतें, अलार्मिंग सिचुवेशन नहीं: सीएस
पलामू के सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ कनेडी ने बताया कि पिछले 18 दिनों के दौरान अलग-अलग कारणों से ग्रामीणों की मौतें हुई हैं. पहली मौत 12 दिसम्बर को हुई, जबकि 25 को दो और 28 दिसम्बर को एक ग्रामीण की मौत हुई है. मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा हैं.
हालांकि बुखार की शिकायत करने पर मलेरिया जांच के लिए स्वास्थ्यकर्मियों की एक टीम भेजकर ग्रामीणों के खून के सैंपल लिए गए हैं. दो ग्रामीणों की मौत रिम्स में हुई, जबकि चार ने गांव में दम तोड़ा है.
रिम्स में हुई दो लोगों की मौत के बाद उनके मौत के कारणों का पता लगाया गया, लेकिन वहां के डायग्नोस्टिक विभाग स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाया हैं. बावजूद गांव में स्थिति ठीक है. किसी तरह की अलार्मिंग सिचुवेशन नहीं है. जांच करने पर ऐसी स्थिति बनते नहीं दिखती, जिससे अन्य ग्रामीण प्रभावित हो.
क्या हुआ है अबतक
भंडार टोला में रहस्यमयी बुखार से लोग परेशान हैं. इन मौतों ने बिहार को तबाह करने वाले चमकी बुखार के प्रकोप की याद ताजा करा दी है. स्थानीय ग्रामीण इस बुखार के खौफ से सहमे हुए हैं.
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मृतकों में एक बच्चा, एक किशोर लड़का, दो किशोरियां और प्रौढ़ लोग शामिल हैं. उन सभी में मौत से पहले एक जैसे लक्षण दिखाई दिए थे. उन सबों ने तेज बुखार, उल्टी और ऐंठन की शिकायत की थी.
मृतकों में कौन कौन
मृतकों में मिथिलेश कुमार (18), गोविंद भुईयां (8) और संगीता कुमारी (18) की गुरुवार को मौत हो गयी, जबकि शुक्रवार को नारायण सिंह (48) चल बसे. शनिवार को सबिता कुमारी (14) और धीरजू भुइयां (50) ने भी आखिरी सांसें लीं. संगीता और सबिता आपस में सगी बहनें थीं.
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