
Guwahati: एक तरफ पूरा देश कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रहा है वहीं एक और बीमारी अपने पांव पसारने की तैयारी कर रही है. भारत में अफ्रीकी स्वाइन फ्लू का पहला मामला सामने आया है.
यह मामला असम में सामने आया है. असम सरकार ने कहा कि राज्य में अफ्रीकी स्वाइन फ्लू का पहला मामला पाया गया है और इससे 306 गांवों में 2,500 से अधिक सूअर मारे जा चुके हैं.
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विशेषज्ञों के अनुसार यह वायरस आसानी से इंसानों तक भी पहुंच सकता है. कोरोना महामारी का केंद्र रहा चीन इस वायरस से पहले से ही जूझ रहा है. चीन में इस वायरस के प्रकोप के कारण लगभग 40 फीसदी सूअरों का सफाया हो चुका है. जब इस वायरस की शुरुआत हुई तो उस वक्त खुले में घूमनेवाले सुअर ही इसकी चपेट में आये, लेकिन धीरे-धीरे यह वायरस फॉर्म हाउसों तक भी पहुंच गया और उन सूअरों की भी मौत होने लगी.
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कोरोना से कोई संबंध नहीं
असम के पशुपालन और पशु चिकित्सा मंत्री अतुल बोरा ने बताया कि राज्य सरकार केंद्र से मंजूरी होने के बाद भी तुरंत सूअरों को मारने के बजाए इस घातक संक्रामक बीमारी को फैलने से रोकने के लिए कोई अन्य रास्ता अपनायेगी. श्री बोरा ने बताया कि इस बीमारी का कोविड-19 से कोई लेना-देना नहीं है. फिलहाल मंत्री का कहना है कि यह इंसानों तक नहीं पहुंच सकता. फिलहाल उस जगहों के सूअरों को खाने में खतरा नहीं है जहां यह इंफेक्शन नहीं है.
बोरा ने कहा, ‘राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान (एनआइएचएसएडी) भोपाल ने पुष्टि की है कि यह अफ्रीकी स्वाइन फ्लू (एएसएफ) है. केंद्र सरकार ने हमें बताया है कि यह देश में इस बीमारी का पहला मामला है. उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा 2019 की गणना के अनुसार सुअरों की कुल संख्या करीब 21 लाख थी लेकिन अब यह बढ़कर करीब 30 लाख हो गयी है.
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