
New Delhi: कोरोना वायरस के कारण देश का हर तबका, हर तरह के व्यापार, उद्योग-धंधे प्रभावित हुए हैं. इस जानलेवा वायरस की रोकथाम के लिए किये गये लॉकडाउन के कारण एक ओर जहां कामकाज ठप है, वहीं दूसरी ओर पेट्रोलियम पदार्थों की मांग में भारी गिरावट आयी है.
देश में अप्रैल माह के दौरान ईंधन की मांग में भारी गिरावट दर्ज की गई. राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के चलते आर्थिक गतिविधियों के थमने और आवागमन बंद रहने से फ्यूल की मांग में करीब 70 प्रतिशत तक की गिरावट रही. हालांकि, एलपीजी की मांग में इस दौरान 12 प्रतिशत तक वृद्धि रही.
इसे भी पढ़ेंः#Lockdown: सूरत में प्रवासी मजदूरों व पुलिस में झड़प, पथराव, लाठीचार्ज
अप्रैल में ईंधन की मांग में 70 फीसदी की गिरावट
लॉकडाउन का असर पेट्रोलियम पदार्थों की मांग पर भी पड़ा है. अप्रैल महीने में ईंधन मांग में करीब 70 प्रतिशत तक की गिरावट रही. हालांकि, पेट्रोलियम उद्योग का कहना है कि पिछले 10 दिन के दौरान मांग बढ़ने के संकेत हैं. सरकार ने नगर निगम सीमाओं के बाहर स्थित उद्योगों में कारोबारी गतिविधियां शुरू करने की अनुमति दी जिसके बाद ईंधन मांग बढ़ने के संकेत हैं.
हालांकि मई से इसमें और वृद्धि होने की संभावना है. सरकार ने लॉकडाउन के चार मई से होने वाले तीसरे चरण में कुछ और गतिविधियों को शुरू करने की छूट दी है.
उद्योग जगत के अस्थाई आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल के पहले पखवाड़े में पेट्रोल की बिक्री 64 प्रतिशत कम रही जबकि दूसरे पखवाड़े में यह गिरावट 61 प्रतिशत रह गई. इसी प्रकार पहले पखवाड़े में डीजल की बिक्री 61 प्रतिशत घटी जोकि दूसरे पखवाड़े में इसमें कुछ 56.5 प्रतिशत की गिरावट ही रह गई. वहीं विमान ईंधन (एटीएफ) की खपत इस दौरान 91.5 प्रतिशत तक घट गई.
इसे भी पढ़ेंः#Covid-19: BSF का हेड कॉन्सटेबल कोरोना पॉजिटिव, दिल्ली स्थित मुख्यालय के दो फ्लोर सील
रसोई गैस की मांग बढ़ी
वृद्धि दर्ज करने वाला एकमात्र ईंधन एलपीजी रहा है. सरकार ने गरीब परिवारों को तीन माह के लिये घरेलू गैस सिलेंडर निशुल्क उपलब्ध कराने की घोषणा की है. यही वजह है कि अप्रैल माल में एलपीजी खपत 12 प्रतिशत बढ़कर 21.10 लाख टन तक पहुंच गई.
कुल मिलाकर अप्रैल के दौरान पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री में करीब 70 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है. ये आंकड़े सार्वजनिक क्षेत्र की तीन कंपनियों के बिक्री आंकड़ों पर आधारित हैं.
ऐसे हालात पहले नहीं देखें गये- धर्मेंद्र प्रधान
पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने फेसबुक पर बातचीत के दौरान कहा, दुनियाभर कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिये लगाये गये लॉकडाउन की वजह से पेट्रोलियम पदार्थों की अचानक घट गई. उन्होंने कहा, ‘ऊर्जा क्षेत्र में यह बहुत ही अप्रत्याशित स्थिति रही है. इससे पहले ऐसी स्थिति कभी नहीं देखी गई.’
भारत में पेट्रोल, डीजल और एटीएफ की मांग तेजी से नीचे आई है. कुल मांग में करीब 70 प्रतिशत तक गिरावट रही है. हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि आर्थिक गतिविधियां शुरू होने के बाद मांग में कुछ वृद्धि के संकेत हैं.
इसे भी पढ़ेंःUPSC ने सिविल सेवा पीटी की स्थगित, 20 मई के बाद घोषित होगी नयी तारीख




