
Giridih: तीर्थंकरों के निर्वाण भूमि गिरिडीह के मधुबन सम्मेद शिखर स्थित सराक भवन में रविवार को सुयश सूरीश्वर जी महाराज का मंगल प्रवेश हुआ. सराक जैन भवन के रजत जंयती समारोह को लेकर आयोजित चातुर्मास महोत्सव शिखर जी सराक भवन में आयोजित किया गया है. ऐसे में जैन मुनि आचार्य सूरीश्वर जी महाराज के मंगल प्रवेश के दौरान उनका स्वागत भी समाज के महिलाओं के साथ युवाओं और गणमान्य लोगों ने ढोल-नगाड़ो के साथ किया. मंगल प्रवेश के साथ सराक भवन में अगले चार महीनों तक चलने वाला महाचातुर्मास के पर्व की शुरुआत हुई.

इस चातुर्मास के आयोजन में शामिल होने झारखंड के कई जिलों के साथ बंगाल और गिरिडीह के कई क्षेत्रों से सराक जैन समाज के भक्त शामिल हो रहे है. इधर रविवार को मंगल प्रवेश के दौरान श्वेताबंर सोसाईटी से वरघोड़ा यात्रा निकाला गया. जिसमें काफी संख्या में श्रद्वालु शामिल हुए. वरघोड़ा यात्रा पूरे तीर्थक्षेत्र का भ्रमण करते हुए सराक भवन में प्रवेश किया. इस दौरान मध्य प्रर्देश के इंदौर के भक्त सेवा समिति के सराक जैन संसद के सदस्यों ने सपरिवार आचार्य सुयश सूरीश्वर जी महाराज का अभिनंदन अभिषेक किया. वहीं कोलकाता से चातुर्मास महोत्सव में शामिल होने सम्मेद शिखर पहुंचे सूबोध श्यामसुखा और उनकी बेटी यशिका ने चार्तुमास सेवा के साथ अठ्ठारह अभिषेक पूजा का लाभ लिया. मंगल प्रवेश के मौके पर सारा दिन अनुष्ठान चलते रहे. वहीं सराक भवन में प्रवेश के साथ ही आचार्य सुयश सूरीश्वर जी महाराज ने मौजूद भक्तों के बीच कहा बंगाल, उड़ीसा और झारखंड के ही सराक जैन समाज के लोग सम्मेद शिखर मधुबन के मूलवासी जैन समाज है. सराक जैन समाज को अपने समाजिक पहचान के साथ सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने पर प्रकाश दिया. इधर मंगल प्रवेश के क्रम में सूबोध शाह, पंकज मंडल, संदीप माजी, अरुण माजी, रितेश सराक, दिलीप सराक, काजल सराक, भीष्म सराक, सुदर्शन सराक समेत काफी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए थे.




