
New Delhi : मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह के मामले में महाराष्ट्र पुलिस और राज्य सरकार को बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस द्वारा परमबीर के खिलाफ दर्ज पांच आपराधिक मामलों की जांच सीबीआई का सौंपने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर आगे एफआईआर दर्ज की जाती है, तो उसे सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया जाए. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह परमबीर सिंह का निलंबन रद्द नहीं कर रहा है.
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पुलिस अफसरों को सहयोग करने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि परमबीर सिंह के खिलाफ दर्ज पांच आपराधिक मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई को हस्तांतरित किए जाएं. अदालत ने राज्य पुलिस से इन केसों को एक हफ्ते के भीतर सीबीआई को सौंपने और एजेंसी के साथ सहयोग करने को कहा है.
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ठाकरे सरकार के लिए झटका
शीर्ष अदालत के इस आदेश को राज्य सरकार के लिए झटका माना जा रहा है. परमबीर सिंह के बयानों के कारण ही राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी थी. परमबीर ने देशमुख पर 100 करोड़ की वसूली करवाने का आरोप लगाया था.
मुंबई पुलिस आयुक्त के पद से हटाए जाने के बाद परमबीर सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा था. इसमें परमबीर सिंह ने आरोप लगाया था कि अनिल देशमुख ने कथित तौर पर एंटीलिया सुरक्षा उल्लंघन मामले में मुंबई पुलिस के बर्खास्त अधिकारी सचिन वाजे को मुंबई के बार और रेस्तरां से एक महीने में कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की उगाही करने के लिए कहा था. इस आरोप के बाद अनिल देशमुख को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था.
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