
Patna : बिहार में शराब बंदी पर सुप्रीम कोर्ट ने नीतीश सरकार से सवाल पूछा है. शराब बंदी कानून के कारण अदालतों में बढ़ते मुकदमों की संख्या पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाये हैं. कोर्ट ने शुक्रवार को बिहार सरकार से पूछा है कि क्या उसने यह कानून लागू करने से पहले यह देखा कि इसके लिए अदालती ढांचा तैयार है या नहीं.
अगर इस तरह का कोई अध्ययन किया था तो कोर्ट और जजों की संख्या बढ़ाने को लेकर उसने क्या कदम उठाये हैं. शराब बंदी कानून के उल्लंघन के एक आरोपी सुधीर कुमार यादव उर्फ सुधीर सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस संजय किशन कौल और एमएम सुंदरेश की बेंच ने कहा कि बिहार से इस तरह के मामले लगातार सुप्रीम कोर्ट में आ रहे हैं. गौरतलब है कि निचली अदालतों में शराबबंदी कानून से जुड़े मुकदमों की बड़ी संख्या है.
इसे भी पढ़ें:कोरोना के बावजूद झारखंड में प्रति व्यक्ति आय 53 हजार के पार, जीडीपी भी बढ़ा
यहां तक कि ऐसे भी मौके आये हैं जब पटना हाइकोर्ट के 16 जजों को इस कानून से जुड़े जमानत के मामले सुनने पड़े हैं. अगर ज़मानत से मना किया जाता है तो इससे जेलों में भी भीड़ बढ़ेगी.
ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2018 लागू करते समय क्या बिहार सरकार ने कोई अध्ययन किया? यह देखा कि इसके लिए न्यायिक ढांचा तैयार है या नहीं.
इसे भी पढ़ें:निहत्थी यूक्रेनी महिला ने रूसी सैनिकों को ललकारा, कहा तुम लोग यहां क्या कर रहे हो, देखिये वायरल हुआ VIDEO




