Education & CareerJharkhandRanchi

#IIT से #MTech के लिए 20 हजार की जगह देने होंगे 2 लाख, नहीं मिलेगा 12400 का #Stipend

Ranchi : आइआइटी से एमटेक की पढ़ाई करना अब काफी महंगा होने जा रहा है. पहले जहां 20 हजार रुपये में एमटेक की पढ़ाई हो जाती थी, अब उसी कोर्स के लिए 2 लाख रुपये सालाना देने होंगे.

मीडिया खबरों के मुताबिक एमटेक प्रोग्राम की फीस में करीब 9 गुना बढ़ोतरी की जायेगी. यह फैसला आइआइटी काउंसिल की बैठक में ली गयी है.

अब आइआइटी के बीटेक और एमटेक प्रोग्राम दोनों की फीस एक समान होगी. इसके अलावा आइआइटी काउंसिल ने कई और फैसले लिए हैं. इन फैसलों को शैक्षणिक सत्र 2020 से लागू किया जायेगा.

advt

इसे भी पढ़ें : #Job_opportunity :  #FCI में बनें मैनेजर, 10 अक्टूबर तक है ऑनलाइन आवेदन का मौका

नहीं मिलेगा 12400 रुपये का स्टाइपेंड

गौरतलब है कि आइआइटी से एमटेक करने लिए ग्रेजुएट एप्टीट्यूट टेस्ट यानी गेट पास करना होता है. इस परीक्षा से नामांकन लिए हुए छात्रों को 12400 रुपये का स्टाइपेंड मिलता है.

आइआइटी काउंसिल इसे भी खत्म करने जा रही है. अब स्टाइपेंड के पैसे का इस्तेमाल यूजी लैब्स और कोर्सों में टीचिंग असिस्टेंटशिप के तौर पर देने के लिए किया जायेगा.

इसके अतिरिक्त प्रोफेशनलिज्म बढ़ाने वाली गतिविधियों में इसका इस्तेमाल होगा. वहीं एमटेक कर रहे गरीब व जरूरतमंद छात्रों की मदद डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर या एजुकेशनल लोन दिलाकर की जायेगी.

adv

इसे भी पढ़ें : साहिबगंज : गांवों में घुसा #Ganga का पानी, #Flood से दो लाख लोग प्रभावित, पर #Camps में जाने को तैयार नहीं

टेन्योर ट्रैक सिस्टम जांचेगा शिक्षकों की क्षमता

आइआइटी काउंसिल ने टेन्योर ट्रैक सिस्टम को लागू करने का प्लान बनाया है. यह ऐसा सिस्टम होगा, जो आइआइटी में नियुक्त हुए नये शिक्षकों की क्वालिटी को अगले पांच साल तक समीक्षा करेगा.

वहीं एक एक्सटर्नल कमिटी रिसर्च और संस्थान प्रोफेसरों का मूल्यांकन करेगा. इसी आधार पर नये प्रोफेसरर्स को एसोसिएट प्रोफेसर के तौर पर प्रमोशन दिया जायेगा.

अगर कमिटी नये प्रोफेसर के टीचिंग मैथड से संतुष्ट नहीं होगी तो उन्हें पांच साल के बाद निकाल दिया जायेगा.

कहां कितनी है एमटेक की प्रति सेमेस्टर फीस

आइआइटी  मुंबई : 5000 रुपये

आइआइटी दिल्ली : 10,000 रुपये

आइआइटी मद्रास : 5000 रुपये

आइआइटी खड्गपुर : 25 950 रुपये

ड्रॉपआउट कम करना है फैसले का मकसद

आइआइटी में एमटेक प्रोग्रामों में सुधार की काफी समय हो रहा है. इसी को देखते हुए सुधार के लिए एक तीन सदस्यीय कमिटी का गठन किया गया. इसी कमिटी के सुझाव के आधार पर ये बदलाव किये गये हैं.

उम्मीद जतायी जा रही है कि फीस बढ़ने और स्टाइपेंड बंद होने से बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों की संख्या में कमी आयेगी.

इसे भी पढ़ें : राजनीतिक विरासत बचाने की जुगत में लगे संगीन अपराध के आरोपों से घिरे #MLA और #EX-MLA 

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button