
Ranchi : 15वें वित्त आयोग से झारखंड की त्रिस्तरीय पंचायतों में 6585 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे. इतनी बड़ी राशि आयोग के कार्यकाल 2021-22 से वित्तीय वर्ष 2025-26 तक दिए दिए जायेंगे. झारखंड के पास अभी 15वें वित्त आयोग से लगभग 2300 करोड़ रुपये हैं, जिसके विरूद्ध 1200 करोड़ की राशि खर्च की गयी है. पंचायती राज विभाग इतनी बड़ी राशि को ग्राम पंचायतों में सही तरीके से खर्च हो इसके लिए लगातार दिशा-निर्देश जिला व प्रखंड के पदाधिकारियों को दे रहा है. पंचायती राज निदेशक राजेश्वरी बी ने भी इसकी समीक्षा की है और अधिकारियों को वित्त आयोग से सरकारी स्कूल में शौचालय निर्माण सहित स्वच्छता की विभिन्न योजनाओं को लेने को कहा है. इसके अलावा भी ग्राम पंचायत की आवश्यकता आधारित कार्य किए जायेंगे. पंचायती राज निदेशक ने सभी जिलों को 15वें वित्त आयोग अनुदान से मिलनी वाली राशि के व्यय संबंधी गाइडलाइन भी दी है,स्पष्ट कहा है कि गुणवत्ता में कोई समझौता न करें और विकास योजनाओं में लापरवाही पर कार्रवाई भी अब की जायेगी. उन्होंने वित्त आयोग की राशि को अविलंब खर्च करने का भी निर्देश दिया है.
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इस तरह दी जा रही राशि
आयोग द्वार अनुशंसित अनुदान मद की 40 प्रतिशत राशि आधारभूत अनटाइड अनुदान के रूप में विमुक्त किया जायेगा. वहीं, आयोग द्वारा अनुशंसित अनुदान मद की 60 प्रतिशत राशि आबद्ध टाइड अनुदान मद में विमुक्त की जायेगी. आबद्ध अनुदान मद अंतर्गत 30 प्रतिशत राशि पेयजल, वर्षा जल, संरक्षण, जल पुनर्चक्रण संबंधी योजनाओं के उपयोग में किया जा सकेगा. जबकि शेष 30 प्रतिशत राशि स्वच्छता एवं खुले में शौच मुक्त अवस्था को बनाए रखने के लिए किया जाना है. इसमें घरेलू कचरा का प्रबंधन एवं उपचार तथा मानद उत्सर्जन एवं तल प्रबंध सहित अन्य कार्य में किया जायेगा. इन योजनाओं के लिए प्रमाण पत्र संबंधित पंचायतों को देना होगा. पंचायती राज निदेशक ने इसके अलावा सभी जिलों को भी यह भी कहा है योजनाओं का मॉडल इस्टीमेट तैयार करके उसे संबंधित ग्राम पंचायत को भेजे ताकि कार्य सही तरीके से किया जा सके.
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