
Patna : बिहार में कभी कोरोना तो कभी बाढ़ के कारण पंचायत चुनाव की तारीख बढ़ती जा रही है. सूत्रों के अनुसार राज्य में अब 15 अगस्त के बाद पंचायत चुनाव का बिगुल बजानेवाला है.
तारीख के बढ़ने के पीछे की वजह उत्तर बिहार के 8-9 जिलों में आयी भीषण बाढ़ है. जिसके कारण राज्य निर्वाचन आयोग की तमाम तैयारियां प्रभावित हो गयी हैं. इस बीच अन्य राज्यों से मंगायी गयी ईवीएम का ब्यौरा जुटाने की कवायद शुरू की जानेवाली है. उसके बाद ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग शुरू होगी. बता दें कि 30 राज्यों से ईवीएम मंगायी गयी हैं.
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गौरतलब है कि 15 जुलाई से पहले सभी जिलों को ईवीएम मंगाने का टास्क दिया गया था. सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों से आयोग ने ईवीएम की एफएलसी शुरू कराने की तैयारियों पर रिपोर्ट तलब किया था. इसके साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा 10 चरणों में प्रखंडवार चुनाव कराने को लेकर भेजे गये प्लान की समीक्षा के बाद आयोग सरकार से अनुमति लेने की तैयारी में जुटा है.
पेच बस बाढ़ प्रभावित जिलों को लेकर फंसा है. हालांकि शिक्षक नियोजन और ऑनलाइन शिक्षकों के तबादले को लेकर भी आयोग को सरकार से हरी झंडी मिलने का इंतजार है. इस बीच नौकरशाही में चर्चा है कि आयोग सितंबर के दूसरे हफ्ते में नामांकन का कार्यक्रम जारी करेगा. वहीं, अक्टूबर के पहले हफ्ते में चुनाव का सिलसिला शुरू हो जायेगा.
आपको बता दें कि पंचायतों और ग्राम कचहरियों के करीब ढाई लाख पदों पर चुनाव होना है. आयोग इसमें 4 पदों का चुनाव ईवीएम से करायेगा. पंच और सरपंच पद का चुनाव मतपत्र से कराने की तैयारी है.
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