
Patna : राजधानी के गांधी मैदान में हुए सीरियल बम ब्लास्ट मामले में एनआइए कोर्ट ने अपना फैसला सोमवार को सुनाया. इस दौरान कोर्ट की ओर से जज गुरविंदर सिंह ने बंद कमरे में फैसला पढ़ा. इसमें 4 आरोपियों को फांसी की सजा दी गयी. 2 को उम्रकैद, 2 को दस साल और 1 आरोपी को 7 साल की सजा सुनायी गयी है. गौरतलब है तत्कालीन प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की हुंकार रैली में हुए बम ब्लास्ट मामले में सभी को सजा दी गयी है.
27 अक्टूबर 2013 को पटना के गांधी मैदान में नरेंद्र मोदी की हुंकार रैली थी. इस रैली में उस वक्त के प्रधानमंत्री उम्मीदवार और वर्तमान में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद थे. प्रतिबंधित संगठन सिमी के आतंकवादियों के निशाने पर नरेंद्र मोदी ही थे. यह एनआइए की जांच और कोर्ट में पेश किये गये सबूतों से स्पष्ट हो चुका है. आतंकवादियों की साजिश पहले मानव बम के जरिए सीधे नरेंद्र मोदी को ही टारगेट करने की थी. इसके लिए झारखंड में रांची के ध्रुवा डैम के पास आतंकियों ने मानव का ट्रायल भी किया था, जो विफल रहा था.
इन आतंकियों को मिली सजा
नोमान अंसारी – फांसी
हैदर अली उर्फ अब्दुल्लाह उर्फ ब्लैक ब्यूटी – फांसी
मो. मोजिबुल्लाह अंसारी – फांसी
इम्तियाज अंसारी उर्फ आलम – फांसी
उमर सिद्दकी – उम्र कैद
अजहरूद्दीन – उम्र कैद
अहमद हुसैन – 10 साल
फिरोज आलम उर्फ पप्पू – 10 साल
इफ्तिखार आलम – 7 साल
बचाव पक्ष की ये थी दलील
बचाव पक्ष के वकील सैयद इमरान गनी ने कोर्ट के बाहर कहा कि उन्होंने दोषियों के लिए पुनर्वास की मांग की है. क्योंकि, सरकारी वकील इस बात को साबित करने में विफल रहे हैं कि इनका पुनर्वास नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के कई ऐसे फैसले हैं, जिनमें कहा गया है कि जिन अभियुक्तों के पुनर्वास के चांसेज हैं, उनके साथ सहानुभूतिपूर्वक व्यवहार किया जाये.



