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कश्मीर में लव जिहाद पर सिख समाज में उबाल, विरोध में श्रीनगर से दिल्ली तक हुआ बवाल

दो सिख लड़कियों के धर्म परिवर्तन और निकाह का मामला पहुंचा गृहमंत्री तक

New Delhi : कश्मीर में दो सिख लड़कियों के धर्म परिवर्तन कर निकाह कराने का मामला तूल पकड़ चुका है. सिख समुदाय के लोग कश्मीर से लेकर नई दिल्ली तक प्रदर्शन कर रहे हैं.

इनका आरोप है कि कश्मीर में आए दिन कभी अपहरण, कभी दबाव बनाकर तो कभी बहला-फुसलाकर लड़कियों का धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा है. हालांकि, लड़कियों का पक्ष अब तक सामने नहीं आया है और इस बीच हाई कोर्ट ने उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाई है.

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सिख समुदाय की हिंदुओं से मदद मांगी

शनिवार को सामने आई ताजा घटना के बाद दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (SGPC) के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा रविवार को कश्मीर चले गये थे और वहां विशाल जुलूस निकाला था.

सिखों ने हिंदू समुदाय से भी घाटी में अल्पसंख्यकों पर ‘इस्लामी अत्याचार’ के खिलाफ लड़ाई में मदद की मांगी की है. वो हिंदुओं को याद दिला रहे हैं कि कैसे महाराष्ट्र समेत अन्य जगहों से हिंदुओं की वापसी में सिखों ने मदद की है.

वहीं, हिंदू समुदाय का कहना है कि मुस्लिम बहुल इलाकों में अन्य धर्मों के खिलाफ ऐसी ही साजिश लंबे समय से चल रही है. हालांकि, सिरसा लव-जिहाद को लेकर अपने एक पुराने बयान पर बुरी तरह घिर गए हैं.

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क्या कहते हैं मनजिंदर सिंह सिरसा

अकाली नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है कि “ दो बच्चियों को गन पॉइंट पर अगवा किया गया. उनका निकाह 50-50 साल के आदमी के साथ पढ़ा गया. उसके बाद कोर्ट के अंदर बच्चियों के मां-बाप तक को जाने नहीं दिया गया.

हमारे नौजवानों ने जब इकट्ठे होकर प्रदर्शन किया, तब रात को साढ़े 10 बजे एक बेटी कोर्ट में से निकालकर हमारे हवाले की गई. दूसरी बेटी को अभी भी हमारे हवाले नहीं किया गया. यह जबरन निकाह किया गया है. यह लव जिहाद है.

सिरसा ने कहा कि सीएए प्रोटेस्ट के दौरान कश्मीर की बेटियां जगह-जगह फंसी हुई थीं, हमने टिकटें देकर उनको सुरक्षित घरों तक पहुंचाया. पर आज यह मौलाना और मुफ्ती क्यों चुप हैं? उनको यह निकाह पढ़ते हुए शर्म नहीं आई.

जिनके 10-10 बच्चे हैं उनके साथ शादी करवाई गई. हम केंद्र की सरकार से आग्रह करते हैं कि तुरंत इस मामले में कार्रवाई की जाए.

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आखिर कश्मीर में क्या हुआ

दरअसल, कश्मीर के बड़गाम जिले और राजधानी श्रीनगर के महजूर नगर इलाके में अलग-अलग सिख युवतियों का धर्म परिवर्तन करवा दिया गया है. आरोप है कि बड़गाम की 18 वर्षीय युवती को बहलाया-फुसलाया गया है.

बड़गाम के गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के अध्यक्ष संतपाल सिंह ने बताया कि 18 साल की सिख लड़की को लालच देकर फंसाया गया और फिर उसका धर्म परिवर्तन किया गया. उस लड़की की दिमागी हालत ठीक नहीं थी.

वहीं, श्रीनगर के महजूर नगर इलाके में ही 22 वर्षीय सिख लड़की का धर्म परिवर्तन कराने की खबर है. बताया जाता है कि लड़की अपने मुस्लिम दोस्त के शादी समारोह में शिरकत करने गई और लापता हो गई.

‘लव जिहाद’ पर मुल्ले-मौलवियों को चेतावनी

सिरसा के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर विरोध-प्रदर्शन किया और मार्च निकाला. इस मौके पर सिरसा ने आक्रोश भरे लहजे में स्थानीय मुल्ले-मौलवियों को चेतावनी दी कि वो अपने समुदाय के लोगों को सिखों से नजर हटाने को कहें क्योंकि इस तरह की घटनाएं बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएंगी.

उन्होंने साफ कहा है कि यह सीधा-सीधा लव-जिहाद का मामला है. उनकी अगुवाई में हुए प्रदर्शन के दौरान लव-जिहाद के खिलाफ नारे लगाए गए.

उधर, बड़गाम एसजीपीसी के अध्यक्ष संतपाल सिंह ने भी कहा कि कोई प्रेम-प्यार का मामला नहीं है, यह स्पष्ट तौर पर लव-जिहाद है. वहीं, सिख समूह देश की राजधानी दिल्ली में भी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में मान सिंह रोड से जम्मू-कश्मीर हाउस तक मार्च किया.

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अंतरधार्मिक विवाह के कानून लागू हो

सिरसा ने केंद्र सरकार से आग्रह है कि अंतरधार्मिक विवाह के कानून को लागू किया जाए ताकि इस तरह की घटना पर रोक लग सके. ऐसी घटनाओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है.’

उधर, संतपाल सिंह ने प्रशासन पर धोखेबाजी का आरोप लगाया है. उन्होंने बताया कि मामले में एसपी ने लिखित में आश्वासन दिया था कि लड़की को खोज कर परिवार को दिया जाएगा, लेकिन कोर्ट का आदेश भी उनके खिलाफ आ गया. बहरहाल, कोर्ट ने युवती को सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया है.

क्या लड़की ने मर्जी से धर्म बदलकर किया निकाह?

ताजा मामले को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि सिख लड़की ने दबाव में नहीं बल्कि मर्जी से धर्म परिवर्तन करके निकाह किया है. इस पर, सिख समुदाय का कहना है कि कोर्ट लड़की को एक सप्ताह के लिए परिवार को सौंप दे.

अगर एक सप्ताह बाद भी लड़की परिवार के साथ नहीं रहकर कथित शौहर के पास जाना चाहेगी तो उसे कोई नहीं रोकेगा.

सिखों ने आरोप लगाया कि कोर्ट ने कोरोना प्रॉटोकॉल के बहाने लड़की के परिवार वालों को तो अंदर जाने से रोक दिया, लेकिन मुस्लिम परिवार अंदर चले गए. सिख समुदाय का आरोप है कि कोर्ट भी निष्पक्षता का सबूत नहीं दे रहा है.

कश्मीर में पाकिस्तान का पैटर्न

सिख युवतियों के धर्म परिवर्तन और निकाह की ताजा घटनाओं से स्थानीय समुदाय भी काफी आक्रोश में है. उन्होंने कहा कि कश्मीर में पाकिस्तान जैसी घटनाएं हो रही हैं.

नारेबाजी कर रहे एक व्यक्ति ने कहा कि पाकिस्तान में मुसलमान जिस तरह से हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों का धर्म परिवर्तन करवा रहे हैं, वही पैटर्न कश्मीर में भी चल पड़ा है.

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सिरसा ने कहा- शाह ने दिया आश्वासन

सिरसा ने कश्मीर में धर्म परिवर्तन के मामले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी बात की. उन्होंने ट्वीट कर बताया कि श्रीनगर में सिख लड़कियों जबरन धर्म परिवर्तन और निकाह के मामले पर गृह मंत्र अमित शाह से बात की.

उन्होंने आश्वस्त किया कि उनकी हालात पर करीबी नजर है. उन्होंने उपराज्यपाल (मनोज सिन्हा) से इस मामले में डीटेल रिपोर्ट ली है.

सिरसा ने बताया, ‘अमित शाह ने अल्पसंख्य सिख लड़कियों की घाटी में सुरक्षा का आश्वासन दिया है और कहा कि लड़कियां जल्द ही अपने परिवारों के पास लौट जाएंगी.

उन्होंने जम्मू-कश्मीर के सिख प्रतिनिधिमंडल से जल्द ही मिलने का वक्त दिया है ताकि जमीनी हकीकत से वाकिफ होकर अल्पसंख्यकों की चिंताओं को दूर किया जा सके.’

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