
Dhanbad: सूरत से श्रमिक स्पेशल ट्रेन संख्या 09343 गुरुवार की सुबह 3.45 बजे धनबाद पहुंची. इसमें गिरिडीह के 1094, देवघर के 7, कोडरमा के 30, हजारीबाग के 11, जामताड़ा, सिमडेगा और सरायकेला के एक एक, पलामू के 29, लातेहार के 3, गढ़वा के 2 और चतरा के 5 प्रवासी मजदूर अपने परिजनों के साथ धनबाद पहुंचे. यह ट्रेन पांच मई की रात 12.30 बजे सूरत से चली थी. ट्रेन 27 घंटे 15 मिनट का सफर तयकर 7 मई को सुबह 3.45 बजे धनबाद पहुंची.
ट्रेन के धनबाद स्टेशन पहुंचते ही ट्रेन के सबसे आगे और सबसे पीछे की बोगी से यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया गया. सुरक्षाकर्मियों ने हर यात्री का नाम नोट किया और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए उन्हें निकास द्वार की ओर रवाना किया. उपायुक्त अमित कुमार के निर्देश पर प्रवासी श्रमिकों का सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल प्लेटफार्म पर तैनात किये गये थे.
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निकास द्वार पर की गयी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग
निकास द्वार पर हर यात्री की थर्मल स्क्रीनिंग की गयी और उन्हें सैनिटाइज्ड कराकर मास्क दिया गया. साथ ही सभी मजदूरों को गुलाब का फूल देकर उनका स्वागत किया गया.
इसके बाद सभी को खाने का पैकेट और पानी देकर उन्हें संबंधित जिले की बस में बैठाया गया. श्रमिकों को उनके संबंधित जिले तक पहुंचाने के लिए 46 बड़ी बस, एक छोटी बस और 9 छोटे वाहन का प्रबंध किया गया था. सभी मजदूरों ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया.
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मजदूरों ने कहा- 27 घंटे के सफर में नहीं हुई कोई परेशानी
स्टेशन से बाहर निकलने पर सूरत से वापस अपने घर लौटने वाले कोमल सिंह, अजय विश्वकर्मा, आनंद पंडित, पप्पू साव ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और धनबाद जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के बाद जब उन्हें जानकारी मिली कि माननीय मुख्यमंत्री की पहल पर सूरत में फंसे श्रमिकों के लिए स्पेशल ट्रेन चलायी जायेगी तब उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा.
उन्होंने बताया कि 27 घंटे के सफर में कोई परेशानी नहीं हुई. मजदूरों ने जिला प्रशासन द्वारा गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए आभार व्यक्त किया. साथ ही बताया कि सफर के दौरान उनके खाने-पीने की व्यवस्था की गयी थी. ट्रेन में शारिरिक दूरी का पालन किया गया.
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