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 भ्रष्टाचार के मामले में सजा के खिलाफ शरीफ परिवार इस्लामाबाद उच्च न्यायालय की शरण में   

जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, उनकी बेटी और दामाद ने भ्रष्टाचार के एक मामले में मिली सजा के खिलाफ इस्लामाबाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है

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 Islamabad :  जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, उनकी बेटी और दामाद ने भ्रष्टाचार के एक मामले में मिली सजा के खिलाफ इस्लामाबाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है. साथ ही उन्होंने जमानत की मांग भी की है. मीडिया रिपोर्टों में यह बात कही गयी है.  शरीफ (68) और उनकी बेटी मरियम (44) को गत शुक्रवार को लंदन से लाहौर पहुंचने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था. पाकिस्तान की जवाबदेही अदालत ने लंदन में चार आलीशान फ्लैटों से संबंधित मामले में गत छह जुलाई को उन्हें दोषी ठहराया था.  एक्सप्रेस ट्रिब्यून  की खबर के अनुसार उनके द्वारा दायर अपील में एवेनफिल्ड मामले के फैसले में कानूनी त्रुटियां होने की बात कहते हुए इस्लामाबाद उच्च न्यायालय से जवाबदेही अदालत के फैसले को अयोग्य ठहराये जाने की मांग की गयी है.

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दूसरी जवाबदेही अदालत में मामला स्थानांतरित करने की मांग

इसके अलावा तीनों दोषियों की रिहाई की मांग भी कई गयी है.  उसने कहा कि भ्रष्टाचार के अन्य दो मामलों की आगे की सुनवाई आडियाला जेल परिसर में किये जाने के खिलाफ भी अपील दायर की गयी है. अन्य एक अपील में मामले को दूसरी जवाबदेही अदालत में स्थानांतरित करने की मांग भी की गयी. बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी है कि जवाबदेही अदालत के न्यायाधीश मोहम्मद बशीर मामले के कई पहलुओं पर सार्वजनिक रूप से अपनी राय रख चुके हैं.

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ऐसी ही एक अपील पहले भी दायर की गयी और अदालत ने प्रासंगिक उच्च न्यायालय में मामले को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया था.  गौरतलब है इस्लामाबाद स्थित जवाबदेही अदालत ने नवाज शरीफ और मरयम को एवेनफिल्ड संपत्ति भ्रष्टाचार मामले में क्रमश : 10 साल और सात साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी. इसके अलावा शरीफ के दामाद कप्तान (सेवानिवृत्त) सफदर पर एक साल की सजा सुनाई गयी है.

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