
Saurav Singh
Ranchi: पुलिसिंग में बड़े बदलाव की तैयारियों में जुटी झारखंड पुलिस कानून-व्यवस्था और अनुसंधान के लिए रांची, जमशेदपुर, धनबाद, हजारीबाग और बोकारो जिले में अलग-अगल टीम बनायेगी.
पुलिस मुख्यालय में मंगलवार को संबंधित जिले के एसपी के साथ आला अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कानून-व्यवस्था और अनुसंधान के लिए अलग-अलग टीम बनाने पर चर्चा की. इसकी पुष्टि पुलिस मुख्यालय के एक अधिकारी ने की.
बताया जा रहा है कि राज्य के पांच जिलों में इसे शुरू किया जायेगा, यदि यह प्रयोग सफल रहा तो इसके बाद बाकी जिलों में भी इसे शुरू किया जायेगा. हालांकि इसके लिए मैन पावर की काफी आवयश्कता होगी. राज्य में यह पहली बार लागू होने जा रहा है.
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हाइकोर्ट ने डीजीपी को किया था तलब
झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने एक मामले में सुनवाई करते हुए पिछले 15 जनवरी को राज्य के डीजीपी से जवाब मांगा था. दरअसल, अदालत ने राज्य में दर्ज प्राथमिकी का अनुसंधान सालों तक लंबित होने के मामले को काफी गंभीरता से लिया था.
इसके बाद अदालत ने इस मामले में राज्य के डीजीपी से जवाब-तलब किया था. अदालत ने डीजीपी से पूछा था कि राज्य में विधि व्यवस्था और अनुसंधान के लिए अलग-अलग पुलिस बल की व्यवस्था की गयी है या नहीं. राज्य में यदि ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है तो ऐसा कब तक कर ली जायेगी. अदालत ने डीजीपी को इसकी जानकारी शपथ पत्र के माध्यम से अदालत में दाखिल करने का आदेश दिया था.
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सुप्रीम कोर्ट ने दिया था निर्देश
अदालत ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रकाश सिंह के मामले में दिये गये दिशा-निर्देंशों को राज्य में सही तरीके से लागू किये जाने के संबंध में भी विस्तृत जानकारी मांगी है.
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि विधि व्यवस्था और अनुसंधान के लिए अलग-अलग पुलिस बल का गठन किया जाये, ताकि विधि व्यवस्था और अनुसंधान में किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं हो.
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