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चाईबासा : शोभायात्रा में एकता के साथ झलकेगी संस्कृति

Chaibasa : सरहुल पूजा शोभायात्रा 4 अप्रैल को मेरी टोला से निकाली जाएगी, जिसमें आदिवासी उरांव समुदाय की एकता के साथ उनकी संस्कृति भी झलकेगी. इस आशय का निर्णय स्टूडेंट्स क्लब मेरीटोला चाईबासा में आयोजित सरहुल पूजा समिति की बैठक में लिया गया. बैठक में सरहुल पूजा समिति के सभी पदाधिकारी एवं सातो उरांव अखाड़ा के मुखिया के अलावा उरांव समाज संघ के पदाधिकारी मौजूद थे.

बैठक में कहा गया कि कोरोना काल के कारण पिछले दो साल सरहुल शोभायात्रा नहीं निकाली जा सकी थी. लेकिन इस बार हर्षोल्लास के साथ शोभायात्रा निकाली जाएगी. जिसमें प्रत्येक उरांव अखाड़ा से लोग भाग लेकर अपनी एकता का परिचय देने के साथ अपनी संस्कृति का प्रदर्शन करेंगे. शोभायात्रा मेरी टोला चौक से दिन 2 बजे निकाला जाएगा जो निर्धारित मार्ग होते हुए पुनः मेरी टोला में समाप्त होगा. समिति ने सभी अखाड़ों के मुखिया से ससमय शोभायात्रा निकालने का आह्वान किया.

शोभायात्रा का रुट

सरहुल पूजा शोभायात्रा 4 अप्रैल को मेरी टोला से निकाली जाएगी, जो बड़ी बाजार होते हुए मधु बाजार-पोस्ट आफिस चौक में शहीद राम भगवान केरकेट्टा की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि देने के बाद शोभायात्रा सदर बाजार- जेल रोड- बस स्टैंड-गाड़ीखाना – गुरुद्वारा होते हुए मेरी टोला पहुंचेगी, जहां शोभायात्रा का समापन होगा. यहां से सभी अखाड़ा अपने अपने मुहल्ला गांव के लिए रवाना होंगे.

बैठक में ये थे उपस्थित

बैठक में नगर परिषद कार्यकारी अध्यक्ष डोमा मिंज, मंगल खलखो, अनिल लकड़ा, लालू कुजूर, कन्दरू टोप्पो, वीरेंद्र उरांव, भगवान दास तिर्की, विश्वकर्मा टोप्पो, तेजो कच्छप, सावित्री कच्छप, शम्भू टोप्पो, चमरू लकड़ा, फागु खलखो, गणेश कच्छप, जीतू तिर्की, मंगल तिर्की, बासु तिर्की, महावीर कच्छप, धर्मा लकड़ा, श्याम लकड़ा, संचु तिर्की, गामा बरहा, नवल कच्छप, पन्ना कच्छप, राजू तिग्गा आदि उपस्थित थे.

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